Friday, 31 May 2019

खट्टा मिठा पराठा

         खट्टा मिठा पराठा
       
आम का मौसम है और पूरे भारत में आम से बहुत सारे व्यंजन बनाए जाते है। महाराष्ट्र में गूड और आटे से 'दशमी' बनायी जाती हैं। इसी दशमी के पारंपरिक रूप को थोडा सा अलग रूप देते है।
खट्टा मिठा पराठा बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः एक कटोरी गेहूँ का आटा,एक कप आम का पल्प, आधा कप दही, आधा कप शक्कर, दो टेबल स्पून तील, चार टेबल स्पून देसी घी, नमक स्वादानुसार।
१)  एक बाऊल में आम का पल्प लिजिये।
२) आम के पल्प में दही, शक्कर, तील, नमक और दो चम्मच घी अच्छे से मिलाईये।
३) उपर बाऊल में दिखायी दी रही है वो सारी चिजे शक्कर पिघलने तक मिक्स कीजिये।
४) आम के मिश्रण में धीरे धीरे आटा मिलाईये। मैंने कटोरी के हिसाब से आटा दिया है लेकीन कटोरी का आकार एक जैसा नहीं होता इसलिए उस मिश्रण के हिसाब से आटा मिलाईये और डो बना लिजिये।
५) गूँथा हुआ आटा पंद्रह-बीस मिनट के लिए गिला कपड़ा ढककर रख दिजिये।
६) बीस मिनट के बाद आटे को फिर से गूँथ लिजिये।
७) गूँथे हुए आटे के छोटे छोटे गोले बना लिजिये।
८) एक गोला लेकर रोटी की तरह बेल लिजिये। बेलते समय ध्यान रखिये की पराठे जैसा ज़ाडा बेलिये, रोटी जैसा पतला मत बेलिये।
९) गर्म किए हुए तवें पर पराठा सेकीयें। सुनहरा होने पर पराठे को दोनों तरफ से घी लगाईये।
१०) गरमागरम खट्टा मिठा पराठा घी, आचार, दही या चटणी के साथ परोसिये।
खट्टा मीठा पराठे को आप 'आम का पराठा' भी कह सकते है।
मेरी बहुत सारी सहेलीयाँ एक ही बात से परेशान होती है की, रोज़ सुबह नाश्तें में क्या बनाए। आम का मौसम है तो क्यूँ ना हम अलग सा नाश्ता बनाए। ट्राय कर के देखिए, आप को जरूर पसंद आएगा। अच्छा लगे तो लिखकर जरूर बताईये।
           महाराष्ट्र की बोलीभाषा में आम से जुड़ी कुछ पंक्तियाँ है,
'कैरी तुटनी, खड़क फुटना
झुयझुय पानी वहाय वं'
इस पंक्ती का मतलब है, ' आम गिरा (टूटा), पत्थर टूटा, झिलमिल के पानी बहता गया।'
इस पंक्तीयों में बहुत ही गहरा अर्थ छिपा है।
'कैरी टुटने' का मतलब बेटी को शादी कर के विदा करना यानी पिताजी से दूर जाना है। 'पत्थर टूटने' का मतलब है पत्थर दिल पिताजी बेटी को विदा करते समय टूट जाता है और बहते पानी की तरह रो पड़ता है। इस गाने का भावार्थ डॉ. उषा सावंत मँडम ने बहुत खूबसूरती से विशद किया है।

©ज्योत्स्ना पाटील
              

Wednesday, 29 May 2019

मसूर टोस्ट (चटपटा टोस्ट)

            मसूर टोस्ट (चटपटा टोस्ट)
     
 चाय के साथ टोस्ट खा कर आप बोअर हो गये है तो चलिए, बनाते है कुछ अलग सा। मैं आशा करती हूँ की आप को मसूर टोस्ट जरूर पसंद आयेगा।
मसूर टोस्ट बनाने के लिए प्लेट में रखी हुई सामग्री चाहिए,
सामग्रीः छःह टोस्ट, एक कटोरी मसूर की दाल, दो-तीन हरी मिर्च, चार पाँच कलियाँ लहसून, छोटा टुकडा अदरक का, हरा धनिया, एक टी स्पून हल्दी, एक टी स्पून जिरा, नमक स्वादानुसार, तीन टेबल स्पून तेल।
प्लेट सजाने के लिए प्याज की रिंग्ज, टमाटर स्लाईस।

विधीः
१) मसूर की दाल रातभर पानी में भिगोईये।
२) सुबह मसूर की दाल में से पानी निकालिये।
३) भिगोई हुई मसूर की दाल में हरी मिर्च, लहसन, अदरक, हरा धनिया, जिरा, हल्दी, नमक डालकर पीस लिजिये।
४) टोस्ट के एक तरफ से पिसा हुआ मसूर दाल का मिश्रण अच्छे से कोट कीजिये।


५) एक पँन गँस पर रखकर गर्म कर लिजिये।
६) पँन में एक टेबल स्पून तेल डालिये।
७) मिश्रण लगायी हुई टोस्ट की बाजू पँन में निचे की तरफ रखिये।
८) टोस्ट को लगाया हुआ मिश्रण अच्छे से पकने के बाद पलट दिजिये।
९) टोस्ट की दुसरी बाजू को मिश्रण लगाया नहीं है इसलिए टोस्ट पलटने के बाद तुरंत प्लेट में निकालिये।
१०) गरमागरम मसूर टोस्ट दही, चटणी, आचार या सॉस के साथ परोसिये।
११) गरमागरम मसूर टोस्ट चाय के साथ भी खा सकते हो।

           मेरे वर्धा के किचन में बहुत ही कम सामग्री है इसलिए मैने प्याज की रिंग्ज और टमाटर स्लाईस के साथ मसूर टोस्ट परोसा है।
मसूर टोस्ट यह झट से बननेवाला स्नँक्स आप को जरूर पसंद आएगा क्योंकी इस की टेस्ट का मिक्स कॉम्बिनेशन तिखा और मीठा है।
मसूर टोस्ट एक तरफ से क्रंची और दूसरी तरफ से स्मूथ टेक्चर भी सब को पसंद आता है।
टीपः मसूर टोस्ट मैंने मसूर दाल से बनाया है लेकीन आप घर में जो भी दाल (चने की दाल, मूँग दाल, उडद दाल) उपलब्ध हो, उसी से चटपटा टोस्ट स्नँक्स बना सकते हो।

©ज्योत्स्ना पाटील

Tuesday, 28 May 2019

आज थोडीसी बातें

               आज थोडीसी बातें
   
          मेरे दोनों ब्लॉग पढ़ने वाले सभी पाठकों को मेरा,
सविनय प्रणाम।
               आप सभी पाठकों ने मेरा हौसला बढ़ाया इसलिए मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करती हूँ।
            आज के ग्लोबल युग में बहुत सारी रेसिपीज चीज, बटर, क्रीम्स, ड्रायफ्रूट्स और  सॉसेस से बनती है। महँगी चीजें से बनायी हुई रेसिपी से बहुत सारी बहनें बोअर हो गयी थी। इसलिए सिंपल, कम सामग्री से बनायी हुई झटपट रेसिपी चाहिए यही सोचकर मैंने रेसिपी से रिलेटेड ब्लॉग लिखना शुरू किया।
           रेसिपी ब्लॉग में सिर्फ रेसिपी लिखना यही मेरा मकसद नहीं है। रेसिपी के साथ कुछ जुड़ी हुई यादे लिखना और आप को भी रेसिपी बनाते हुए अपनी अपनी यादों से तरोताज़ा करके खुशी से खाना बनाने के लिए तैयार करना ताकि आप भी मनपसंद खाना बना सकें।
          सभी पाठकों को मैं कहना चाहती हूँ की आप नये तरीकें से रेसिपी बनाते वक्त एक बात ध्यान में रखिए की नयी रेसिपी थोडीसी ही बनाए। स्वाद अच्छा लगे तो दोबारा बना सकतें हो। फिलहाल इतना ही। कल मिलते है एक नयी सिम्पलसी रेसिपी के साथ। 

Sunday, 26 May 2019

धर्मेश की रेसिपी

          धर्मेश की रेसिपी
     
        आज की रेसिपी मैं धर्मेश को डेडिकेट करती हूँ। पंद्रह सोलह साल पहले की बात हैं। तब मैं दिवाली की और गर्मी की छुट्टीयों मे बच्चों को लेकर गोवा जाती थी। गोवा के साखलीम गाँव में हम रहते थे और हमारी कंपनी साखलीम से बारह कि. मी. पर पिसुर्लेयम के पास थी। हम सब दोपहर का खाना कंपनी में ही करते थे। कंपनी में खाना बनाने का काम बिहार से आया हुआ कूक धर्मेश करता था। धर्मेशने बनाई हुयी सब्जी हम सब बड़े चाव से खाते थे। आज भी बच्चों को गोवा की याद आते ही मुझे कहतें है, " मम्मी, बिहारी बाबू की सब्जी बनाओ।"
       चलिए, बनाकर देखते है, बिहारी बाबू की रेसिपी।
रेसिपी के लिए प्लेट में रखी हुयी सब्जीयाँ लिजिये।
धर्मेश की रेसिपी के लिए सामग्री चाहिए ,
तीन या चार प्याज़, दो आलू, दो टमाटर, पत्ता गोभी, एक टिंडा, एक हरी मिर्च, एक टेबल स्पून गरम मसाला, एक टेबल स्पून लाल मिर्च पाउडर, चुटकीभर हल्दी, एक टी स्पून राई, एक टी स्पून जीरा, आधा टी स्पून हिंग पाउडर, नमक स्वादानुसार, दो टेबल स्पून तेल      
१) प्याज के छिलके निकालिये।
२) आलू, टमाटर, टिंडा(ढेमसे), बंदगोबी को पानी से धोईये।
३) प्रेशर कुकर में प्याज, आलू, टमाटर, टिंडा, बंदगोबी, हरी मिर्च, हल्दी, नमक,एक टेबल स्पून तेल, आधी कटोरी पानी डालिये और दो सिटीयाँ होने तक गँस पर रखिये।
४) दो सिटीयाँ होने के बाद गँस बंद कीजिये और कुकर को ठंडा होने दिजिये।
५) प्रेशर कुकर में से सब्जीयाँ प्लेट में निकालिये।
६) टमाटर के छिलके निकालिये।
७) प्याज, आलू, बड़े टुकडों में काट लिजिये।
८) टिंडा के टुकडें कीजिये और बीज निकालिये।
९) बंदगोबी के ही बड़े बड़े टुकडे कर लिजिये।
१०) गँस पर कड़ाही रखिये और गर्म होने दिजिये।
११) कड़ाही गर्म होने पर दो बड़े चम्मच तेल डालिये।
१२) तेल गर्म होने पर राई, जिरा, हिंग पाउडर, अदरक लहसन का पेस्ट डालिये, पकाये हुए प्याज के और टमाटर के टुकडे डालिये, दो मिनट तक भूनिये।

१३) प्याज, टमाटर भूनने के बाद गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, धना पाउडर अपने स्वादानुसार डालिये।
१४) सारे मसाले अच्छे से भूनने के बाद आलू, बंदगोबी, टिंडा डालिये और कुकर में बचा हुआ दो चम्मच पानी डाल दिजिये।
१५) सब्जी पकाते समय नमक डाला था इसलिए जरूरत होगी तो नमक डालना।
१६) हरा धनिया डालिये और गरमागरम सर्व्ह कीजिये।
     धर्मेश की रेसिपी धर्मेश की याद दिलाती हैं।उसके हाथ से बनायी हुयी सब्जी की टेस्ट कुछ अलग ही थी। आज भी वो स्वाद हम भूले नहीं।
टिपः धर्मेश की सब्जी में टिंडा नहीं था, मैने बचा हुआ एक टिंडा धर्मेश की सब्जी में डाल दिया।

©ज्योत्स्ना पाटील

Thursday, 23 May 2019

स्टफ्ड़ टिक्की

            स्टफ्ड़ टिक्की
       गर्मी के दिन है और आम का मौसम है तो आम से ही टिक्की बनाते है। इस टिक्की की खासियत यह है की, तिखी, मीठी टेस्ट अलग ही रूची लाती है। चलिये, लग जाते हैं किचन में अलग रेसिपी के साथ।
स्टफ्ड़ टिक्की के लिए सामग्री चाहिये,
सामग्रीः  दो आलू, पाव कटोरी साबुदाना, लाल मिर्च पाउडर, नमक, दो टेबल स्पून देसी घी।
स्टफिंग के लिए सामग्रीः एक आम, दो चम्मच खोया।
बनाने की विधीः
१) साबुदाना पाँच छःह घंटे भिगोईये।
२) आलू को उबालिये और छिलका निकालिये।
३) आलू अच्छे से मँश कर लिजिये।
४) मँश किया हुआ आलू, साबुदाना, लाल मिर्च पाउडर, नमक अच्छे से मिक्स कर के छोटे छोटे गोले बना लिजिये।
५) आम का छिलका निकालिये और बारीक टुकड़ो में काट लिजिये।
         प्लेट में आलू साबुदाना लाल मिर्च पाउडर नमक का मिश्रण, आम के टुकडे और खोया रखा हुआ है।
६) आम के टुकडों को खोया में मिला दिजिये।
७) आलू साबुदाना के मिश्रण का एक गोला लेकर हाथ पर ही थपथपातें हुए गोल रोटी बनाईये, रोटी में आम, खोया का मिश्रण भर दिजिये। हल्के हाथों से गोल टिक्की बनाईये।
८) पँन गर्म कीजिये।
९) गर्म पँन में एक चम्मच घी डालिये।
१०) घी डालने के बाद बनायी हुयी टिक्की पँन में रखिये और दोनों तरफ से सुनहरा होने तक शँलो फ्राय किजिए।
टीपः स्टफ़्ड टिक्की के लिए खोया नहीं है तो कोई बात नहीं, आप आम के टुकडों की स्टफिंग भर सकते हैं। घी की जगह तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
          कम साधन सामग्री से ही अच्छी और स्वादिष्ट रेसिपी आप बना सकते है। एक दो चीज नही हैं तो कोई बात नहीं। आप दूसरा विकल्प आप के रूचीनुसार चून सकते है। चलिये नयी नयी रेसिपी बनाकर आप सबके दिल में जगह पाईए, यही शुभकामनाएँ।

©ज्योत्स्ना पाटील 

Wednesday, 22 May 2019

छोले वडा

              छोले वडा
            आज की रेसिपी मैं मेरी छोटी बहन सौ. पूजा मराठे को डेडिकेट करती हूँ। मेरी छोटी बहन गर्मी की छुट्टीयों में जब भी आती थी तब वो पाववडा, वडापाव खाने की फर्माईश करती थी। इसलिए आज की 'छोले वडा' रेसिपी उसी के लिए।

१) काबुली चने (छोले) रातभर पानी में भिगोईये। उसी पानी में नमक, तेल के साथ नर्म होने तक उबालिये।
२) पँन में तेल गर्म कर के कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनिये। टमाटर, अदरक लहसुन पेस्ट डालिये और भूनिये।
३) कटा हुआ कच्चा आम डालिये, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, हल्दी, नमक मिलाईये और मसाला तेल छोड़ने लगे तब तक भूनिये।
               ऊपर प्लेट में रखा हुआ मसाला और उबले हुए चने रखे हैं उसी तरह बनाने की कोशीश किजिए।
४) उबले हुए छोले को अच्छी तरह से मसल लिजिये और बनाया हुआ मसाला मिक्स कर दिजिये।
५) एक बाऊल में मैदा, नमक और पानी का घोल बना लिजिये।
६) ब्रेड की स्लाईस पानी में भिगोईये और ब्रेड की दोनों हाथों से दबाकर पानी निचोड लिजिये।

            ७) ऊपर के फोटो में दिखाया है उसी तरह से ब्रेड की स्लाईस पर छोले मसाला का मिश्रण रखीये।
           ८) ब्रेड की स्लाईस को चारो तरफ से मोड दिजिये और धीरे से बंद कर दिजिये (ब्रेड टूटना नहीं चाहिये) ।
९) मैदे के घोल में डूबाकर वडे को कोट कर लिजिये।
१०)कड़ाही में तेल गर्म कर लिजिये।
तेल गर्म होनें पर मैदे से कोट किया हुआ वडा तलिये। सुनहरे होने पर निकालिये।
११) गरमागरम छोले वडा मनपसंद चटणी या सॉस के साथ परोसिये।
     आज की रेसिपी 'गुड्डी' के नाम।

©ज्योत्स्ना पाटील 

Monday, 20 May 2019

खिचड़ी की टिक्की

 खिचड़ी की टिक्की 

आज की रेसिपी मेरे देश के भूखे पेट सोनेवाले बीस करोड लोगों को समर्पित करती हूँ। जब मैं रेसिपी बताऊँगी तब आप समझ जाएँगे।
 चलिये, सुबह हो गयी और सभी को नाश्ता बनाने के लिए किचन में जा कर कुछ तो बनाना ही हैं। आज हम ऐसा नाश्ता बनाएँगें की किसी ने सोचा ही नहीं होगा। वैसे तो सभी को पता हैं की टिक्की कैसे बनाते है लेकिन आज मैंने बनायी हुयी टिक्की किस व्यंजनों से बनी है। यह खोज निकालना आप का काम है। देखते है। कौन खोज सकता/ सकती है।
आज की रेसिपी का मुख्य व्यंजन बताईये। दोपहर तक सोचिए और जवाब ढूँढिये।

       आज की रेसिपी ने आप को सोचने पर मज़बूर किया है। अच्छी बात है। सोचना मस्तिष्क के लिए अच्छा होता है। आप जवाब के नज़दिक पहुँच गये इस बात की खुशी हुयी।
आप ने 'खिचडी' जवाब सहीं दिया है लेकीन भूखे पेट से जुड़ी हुयी रेसिपी है तो यह खिचडी बाँसी (खाने के बाद बची हुयी रात की खिचडी) से मैंने टिक्की बनायी। जिस देश में करोडों लोग भूखे पेट सोते है, वहाँ के लोगों को बचा हुआ खाना कूड़ेदान में डालना शोभा नहीं देता। बची हुयी बाँसी खिचडी से टिक्की बनाने का तरीका जान लेते है।
ऊपर प्लेट में बाँसी खिचडी, फ्रेश ब्रेड क्रम्स (तीन ब्रेड की स्लाईस मिक्सी में पीस ली), प्याज, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, नमक रखा हुआ है। टिक्की शँलो फ्राय करने के लिए तेल।
१) बाँसी खिचडी मे फ्रेश ब्रेड क्रम्स मिलाईये।२) खिचडी, ब्रेड क्रम्स के मिक्चर में प्याज, लाल, मिर्च पाउडर, हल्दी और नमक मिला दिजिये।
३) बनाए हुये मिक्चर के छोटे छोटे गोले बनाकर गोलाकार, तिकोनाकार, चौकाराकार में टिक्की बनाए।
४) गँस पर पँन गर्म कीजिये।
५) गर्म पँन पर एक चम्मच तेल डालकर टिक्की को दोनों तरफ से शँलो फ्राय किजिए।
६) चटणी या सॉस के साथ परोसिये।
टिपः आप टिक्की में हरा धनिया भी डाल सकते है।
          अपने देश के गरीब लोगों के बारे में सोचिए और खाना बरबाद मत होने दिजिये। बचा हुआ खाना फ्रीज में रखने के बजाए तुरंत(दोपहर का रात को, रात का सुबह) नयी रेसिपी बनाकर खा लिजिये।

©ज्योत्स्ना पाटील

गाजर टमाटर उत्तप्पा

 आज की रेसिपी - गाजर टमाटर उत्तप्पा सभी फूड़ी दोस्तों को नमस्ते। आज की रेसिपी सभी को जरूर पसंद आएगी क्योंकी हम दोसा, उत्तप्पा तो हमेशा खाते ह...