खोया रोटी
आज की रेसिपी मैंने धुलिया की नणंद के घर पे बनायी थी। धुलिया के किचन से बनायी हुयी खोया रोटी आप के साथ शेअर करने के लिए अध्यापिका सुजाता गाडे मँम की कॉल ने प्रोत्साहित किया। कल गाडे मँम का कॉल आया था तब उन्होंने कहा, "हमें खोया रोटी खानें को नहीं मिली, कब मिलेगी?" उन्होंने पूछा और आज खोया रोटी की रेसिपी पोस्ट करने के लिए सहीं मौका भी मिल गया।
पंद्रह सोलह साल पहले मैने खोया रोटी मेरे देवर संजयजी के साथ भतीजी के लिए नासिक से अकोला भेज़ी थी और मेरी भाँजी तेजस्विनी बचपन में गर्मी की छुट्टीयों में आती थी तब खोया रोटी खा के खूश होती थी। आज मेरे देवर और भाँजी दोनों का जनमदिन हैं तो कुछ मीठ़ा बनना ही चाहिए। इसी सुनहरे मौके पर खोया रोटी की रेसिपी पेश करती हुँ।
खोया रोटी बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः एक कटोरी खोया, पाव कटोरी शक्कर, ईलायची पाउडर, आधी कटोरी मैदा, पाव कटोरी गेहूँ का आटा, दो टेबल स्पून तेल, चुटकीभर नमक, दो टेबल स्पून घी।
खोया रोटी बनाने की विधीः
१) मैदा, गेहूँ का आटा और नमक छानिये।
२) मैदा, गेहूँ, नमक छाननें के बाद तेल डालिये और अच्छे से मिक्स किजिये।
३) मिक्स किये हुए आटे में जरूरत के हिसाब से पानी डालिये और आटा गूँथीये।
४) स्मूथ डो तैयार होने के बाद आटे को मलमल के कपड़े को गिला करके ढक दिजिये और दस मिनट रेस्ट होने दिजिये।
५) गँस पर एक कड़ाही रखिये और उसमें खोया डालिये और पाँच मिनट के लिए लगातार हिलातें हुए खोया को गाढ़ा किजिये।
६) खोया को पूरी तरह से ठंडा कीजिये।
७) खोया ठंडा होने के बाद उसमें पीसी हुयी शक्कर और ईलायची पाउडर डालिये और अच्छे से मिक्स किजिये।
८) गूँथे हुए आटे के छोटे छोटे गोले बना लिजिये।
९) एक गोला लेकर उसे मैदा लगाकर छोटीसी रोटी बेलिये।
१०) बेली हुयी रोटी में खोया का छोटासा गोला रखिये और मोदक की तरह बनाईये और हल्कें हाथों से दबाईये।
११) खोया भरी हुयी छोटी रोटी को मैदा लगाकर फिरसे बेलिये। बेलतें समय सावधानी रखे की धीरे धीरे बेलिये।
१२) गँस पर गर्म किये हुए तवें को घी लगाईये और बेली हुयी खोया रोटी डालिये।
१३) रोटी को दोनों तरफ़ से सुनहरा होनें तक सेंकीये।
१४) सभी रोटियाँ ठंडा किजिये और एअर टाईट डिब्बें में रखिये।
१५) खोया रोटी आठ दिन तक खा सकतें हो और दूसरों को खिला सकते हो।
आज की रेसिपी मुझे दिलिप की मौसीने सिखायी थी इसलिए यह रेसिपी इंदिरा बेडसे इनको समर्पित करती हुँ।
©ज्योत्स्ना पाटील


