Wednesday, 29 January 2020

चनागोभी मसाला


             चनागोभी मसाला

mykitchenjd के किचन से आज एक अनोखी सब्जी बनाते है। यह सब्जी अनोखी है ऐसा मैने कहा क्योंकी यह सब्जी बहुत कम घरों में बनायी जाती है। ज्यादातर घरों में गोभी की सब्जी सूखी ही बनाते हैं। आज हम गोभी की सब्जी मसाला करी से बनाएँगे।
      जनवरी के माह में मुझे मेरी नानी की बहुत याद आती है। मेरी नानी गोभी की सब्जी मसाला करी से बनाती थी। आज मैं आप के साथ नानी की रेसिपी शेअर करनेवाली हूँ। नानी के प्यार से भरी सब्जी का आस्वाद सभी को पसंद आता है। तो चलिए, mykitchenjd के किचन से चनागोभी मसाला बनाते है।

चनागोभी मसाला बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः एक कटोरी गोभी, पाव कटोरी चनादाल, एक प्याज, एक टमाटर, तीन टेबल स्पून कसा हुआ सूखा नारीयल, पाँच-छह कलियाँ लहसून, एक छोटा टुकडा अदरक, एक टी स्पून गरम मसाला, एक टी स्पून लाल मिर्च पाउडर, पाव टी स्पून हल्दी, हरा धनिया, नमक स्वादानुसार, दो टेबल स्पून तेल।


mykitchenjd के किचन से चनागोभी मसाला बनाने की विधिः
१) चनादाल को दो घंटे पानी में भिगोईए।
२) प्रेशर कुकर में चनादाल और आधी कटोरी पानी डालकर दो सिटीयाँ लिजिये।
३) फुलगोभी को छोटे छोटे टुकडों में काटिए और हल्दी, नमक, पानी डालकर फुलगोभी को दो मिनट ऊबालिए।
४) फुलगोभी में से पानी निकालकर फिर से धोईये।
५) प्याज को भूनिए, सूखा नारीयल भूनिए।
६) भूना हुआ प्याज, सूखा नारीयल, अदरक, लहसून को मिक्सी के जार में डालकर अच्छे से पीस लिजिये।
७) गँस ऑन किजिये और कडाई को गर्म किजिये।
८) कडाई में तेल डालिये।
९) तेल में टमाटर और पीसा हुआ प्याज, अदरक, नारीयल की पेस्ट डालिये और भूनिए।
१०) टमाटर, पेस्ट भूनने के बाद गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर डालिए और अच्छे से भूनिए।
११) सारे मसाले अच्छे से भूनने के बाद फूलगोभी और चनादाल (चनादाल के पानी के साथ) डालिए।
१२) नमक और हरा धनिया डालकर सब्जी को ऊबाल आने दिजिये। सब्जी में पानी की मात्रा आप के हिसाब से लिजिये।


mykitchenjd के किचन से चनागोभी मसाला तैयार।
१३) गरमागरम चनागोभी मसाला रोटी, फुलका, पराठा या चावल के साथ परोसिये।
टिपः चनागोभी मसाला में दो टेबल स्पून मूँगफली की पाउडर डालकर एक अलग स्वाद की सब्जी बना सकते हो।
© ज्योत्स्ना पाटील.


Saturday, 25 January 2020

मिक्स व्हेज टिक्की

           मिक्स व्हेज टिक्की
सर्दी के मौसम में उपलब्ध होनेवाली सभी सब्जियाँ देखकर ऐसा लगता हैं की, क्या बनाए और कैसे बनाए? क्योंकी हर घर में बच्चों की शिकायत होती हैं की मैं गोबी की सब्जी नहीं खाऊँगा, गाजर की सब्जी नहीं खाऊँगा, पालक नहीं खाऊँगा ऐसे बहुत सारे नखरे माँ को उठाने पड़ते हैं तब हरएक माँ बच्चों के खानपान से परेशान हो जाती हैं। बच्चों ने सभी सब्जियाँ खानी चाहिए ऐसा लगता हैं लेकीन क्या करे!
         तो चलिए, सभी माता और बच्चों की परेशानी दूर करने के लिए तरकीब निकालते हैं और बनाते हैं 'मिक्स व्हेज टिक्की'।
mykitchenjd के किचन से बनाते हैं 'मिक्स व्हेज टिक्की'।



मिक्स व्हेज टिक्की बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः दो बडे आलू, एक कटोरी गोबी, एक गाजर, एक कटोरी पालक, एक प्याज, दो हरी मिर्च, एक कटोरी मटार और कॉर्न, आधी कटोरी ब्रेड क्रम्स, हरा धनिया, नमक स्वादानुसार, दो टेबल स्पून तेल।



mykitchenjd के किचन से मिक्स व्हेज टिक्की बनाने की विधिः
१) मटार और कॉर्न को नमक डालकर ऊबाल लिजिये।
२) आलू को ऊबालकर मँश किजिये।
३) पालक को अच्छे से धोईये और काट लिजिये।
४) दो या तीन ब्रेड की स्लाईस को मिक्सी में पीसकर ब्रेड को बारीक किजिये (ब्रेक क्रम्स तैयार)
५) गाजर को छिलिये और बारीक टुकडों में काट लिजिये।
६) प्याज और हरी मिर्च को बारीक काटिये।
७) गोबी को बारीक काटिये।
८) मँश किए हुए आलू में मटार के दानें, कॉर्न, पालक, गाजर, प्याज, हरी मिर्च, धनिया, ब्रेड क्रम्स, नमक डालिये और अच्छे से मिक्स किजिये।
९) मिक्स किए हुए मिश्रण के छोटे छोटे गोले बनाईए और टिक्की बनाईए। आपके हिसाब से मनचाहा आकार दिजिये।
१०) गँस ऑन किजिये और फ्राय पँन गरम किजिये।
११) एक टेबल स्पून तेल डालिए और टिक्की रखिए और सुनहरे रंग मे दोनों तरफ से शँलो फ्राय किजिये।
१२) गरमागरम टिक्की सॉस या चटणी के साथ सर्व्ह किजिये और देखिये बच्चे खुशी खुशी सभी सब्जियाँ से बनी 'मिक्स व्हेज टिक्की' पर टूट पडेंगे।



टिपः आलू के साथ आप दुधी, तुरई जो चाए वो सब्जी डाल सकते हो।
©ज्योत्स्ना पाटील.

Tuesday, 21 January 2020

गजक

                    इंदौर की मिठाई 'गजक'   
       mykitchenjd के किचन से आज इंदौर की मिठाई बनाते है। इंदौरी मिठाई का नाम है 'गजक'।
               आठ दिन पहले मेरे पती पूना गए थे। मेरी छोटी देवरानी भावना ने मेरे पती के हाथों मिठाई भेजी तब मैने उसे कॉल कर के पूछा, "यह मिठाई कहाँ से खरीदी?" तब उन्होंने कहा, "दीदी, इंदौर से बाली आयी थी, उन्होंने इंदौर से सबके लिए मिठाई लायी थी।" बाली ने भेजी हुयी मिठाई खाने के बाद मैने सोचा, चलो, बहुत दिनों से 'गजक' नही बनाया। आज बना के देखते है।
                 'गजक' बनाते समय मुझे हमेशा दो कहावतें याद आती है। मराठी की बोलीभाषा 'अहिराणी भाषा' में कहते है,
१) काम नहीं ते काय करू, नवं लुगडं दांडे करू.
२) ईया मोडीन खिया कया.
                     mykitchenjd के किचन से 'गजक' की रेसिपी पढ़कर आप को दो कहावतों का मतलब ध्यान में जरूर आएगा। तो चलिए, पहले रेसिपी बनाकर देखते है।
mykitchenjd के किचन से 'गजक' बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः एक कटोरी तिल, एक कटोरी गूड, दो टेबल स्पून घी एक टी स्पून बेकींग पाउडर।


mykitchenjd के किचन से 'गजक' बनाने की विधिः
१) गँस ऑन किजिये और पँन को गरम होने दिजिये।
२) पँन में तिल डालिये और धीमी आँचपर भून लिजिये।
३) तिल को ठंडा होने दिजिये।
४) पँन मे पाव कटोरी पानी डालिए और ऊबलने दिजिये।
५) पानी ऊबलते ही गूड डालिये।
६) गूड को पिघलने दिजिये। गाढा होने तक हिलाते रहिए।
७)  गूड की गाढ़ी चाचणी बनते ही घी और बेकींग पाउडर डालिये।
८) घी, बेकींग पाउडर को अच्छे से मिक्स किजिये और तिल डालकर लगातार हिलाते रहिए और मिश्रण गाढ़ा होते ही घी लगाए हुए प्लेट (प्लेट के नीचे की तरफ से घी से ग्रीस किजिये) पर डालिए और बेलन से बेलिए।
९) तिल की मीठी रोटी बनाकर ठंडी होने दिजिये।
१०) तिल की मिठी रोटी को ठंडा होने के बाद छोटे छोटे टुकडे किजिये।
११) सभी टुकडों को मिक्सी के जार में डालिये, एक टेबल स्पून घी के साथ पीस लिजिये, स्मूथ पाउडर बनाईए।
१२) ट्रे के ऊपर बटर पेपर रखिए।
१३) ट्रे में बटर पेपर पर तिल गूड की स्मूथ पाउडर डालिए और चारों तरफ से प्रेस (दबाईए) किजिये।


१४) अच्छे से प्रेस किए हुए तिल गूड के मिश्रण को चौकोर या मनचाहा आकार में काटिये।
१५) अब ट्रे में से बटर पेपर को उठाईए और प्लेट पर रखिए और गजक की बर्फी को हल्के हाथों से एक एक कर के डिब्बें मे रखिए।
              mykitchenjd के किचन से 'गजक' का आस्वाद चखनें के लिए आप भी बनाईए।


टिपः ड्रायफ्रूटस की कतरन ऐच्छिक है। घर में उपलब्ध हो तो डालिए।
           मेरी दो कहावतों का मतलब अब ध्यान में जरूर आया होगा। क्योंकी अच्छी खासी तिल की क्रंची रोटी को तोडना और फिर से 'गजक' बनाना। सच कहूँ मुझे ऐसा लगता हैं की, पहले के जमानें में त्यौहार की मिठाई बनाने का काम बुढी दादी बनाती थी। दादी ने जब तिल की क्रंची रोटी बनायी तब दाँत न होने के कारण दादी माँ मिठाई खा नहीं सकी तब इस रेसिपी की खोज किसी दादी माँ ने की होगी, ऐसा मुझे लगता है। चलो, दादी माँ की खोज अच्छी और मीठी हैं, मुँह में डालते ही घुल जानेवाली मिठाई बहुत ही बढीयाँ है।
©ज्योत्स्ना पाटील.

Tuesday, 14 January 2020

तिल की बर्फी

      mykitchenjd के किचन से तिल की बर्फी

मैं जब छोटी थी तब मेरी नानी के घर मकर संक्रांती के त्यौहार के लिए आठ-दस किलो तिल के लड्डू
बनाते थे। नानी, मामी और मौसी तिन्हों मिलकर लड्डू
बनाती थी। आज तो तिल के दाम इतने बढ गये है की एक किलो तिल के ही लड्डू बनाए जाते है। चलो, तिल कितनी है इससे बेहतर यही होगा की हम कम तिल से लड्डू नही बना सकते तो क्या हुआ, बर्फी तो बना सकते है।

कल मकर संक्रांती का त्यौहार है और तिल की रेसिपी के बिना कुछ मजा नही आएगा। मकर संक्रांती, पोंगल, बिहू, उत्तरायन ऐसे भिन्न भिन्न नामों से पूरे भारत में यह त्यौहार मनाया जाता है। तो चलिए, आज हम mykitchenjd के किचन से तिल की बर्फी बनाते है।
 mykitchenjd के किचन से तिल की बर्फी बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः
आधी कटोरी तिल, आधी कटोरी मूँगफली के दानें, एक कटोरी गूड, एक टेबल स्पून तूप, एक टेबल स्पून मलई, एक टेबल स्पून काजू की कतरन, एक टेबल स्पून बादाम की कतरन, एक टेबल स्पून कद्दूकस किया हुआ नारीयल, आधा टी स्पून बेकींग पावडर।


mykitchenjd के किचन से तिल की बर्फी बनाने की विधि,
विधिः
१) तिल को भून लिजिये।
२) मूँगफली के दानें भूनिए
३)  तिल को मिक्सी के जार में डालकर पीस लिजिये।
४) मूँगफली के दानें मिक्सी के जार में डालिये और पीस लिजिये।
५) एक बाऊल में तिल की पाउडर, मूँगफली की पाउडर, मलाई और कसा हुआ नारीयल मिक्स किजिए।
६) गँस ऑन कर के कडाही रखिए और घी डालिये।
७) घी डालने के बाद गूड डालिये और पिघलने दिजिये।
८) गूड को चम्मच की सहायता से लगातार चलाते रहिए।
९) पाँच मिनट के बाद बेकींग पाउडर डालिये और अच्छे से मिक्स किजिए और गँस बंद किजिए।
१०) अब गूड में तिल, मूँगफली का मिक्चर डालिये और मिक्स किजिए।
११) अब फिर से गँस ऑन कर के धीमी आँचपर गूड तिल के मिश्रण को दो मिनट तक चलाते रहिए।
१२) ट्रे  या प्लेट को घी लगाईए।
१३) तिल गूड का मिश्रण घी लगाए हुए ट्रे या प्लेट में डालिये और कटोरी की सहायता से फैलाईये।
१४) तिल गूड के मिश्रण के ऊपर काजू, बादाम की कतरन और कसा हुआ नारीयल डालिये।
१५) मिश्रण ठंडा होने के बाद मनचाहा आकार में काटिये।


        तिल की बर्फी अपनों को खिलाईए और मकर सक्रांती का आनंद लिजिये।
           सभी पाठकों को मकर संक्रांती की ढेर सारी शुभकामनाएँ।
©ज्योत्स्ना पाटील

Saturday, 11 January 2020

कोथिंबीर वडी

                     कोथिंबीर वडी
           mykitchenjd के किचन से 'क्रिस्पी कोथिंबीर वडी'
सर्दी के मौसम में हरा धनिया से सब्जी मंडी हरीभरी हुई है। हरे रंगों की बौछार देखकर हरा धनिया खरीदने का दिल करता है और घर जाकर 'कोथिंबीर वडी' बनाने का हर कोई सोचता है, तो चलिए, आज हरे धनिये की वडी या कोथिंबीर वडी बनाते है। शाम के खाने में स्टार्टर परोसना हो तो 'कोथिंबीर वडी' परोसिये और सब को खूश किजिए।

mykitchenjd के किचन से 'क्रिस्पी कोथिंबीर वडी' बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः


एक कटोरी हरा धनिया (कोथिंबीर), दो हरी मिर्च, सात-आठ लहसून की कलियाँ, एक टुकडा अदरक, एक टी स्पून जीरा, एक कटोरी बेसनपीठ, पाव कटोरी सूझी, पाव कटोरी चावल का आटा, पाव कटोरी दही, एक टी स्पून शक्कर, आधा टी स्पून बेकींग सोडा, नमक स्वादानुसार, तलने के लिए तेल।



mykitchenjd के किचन से 'क्रिस्पी कोथिंबीर वडी' बनाने की विधिः
१) बेसन का आटा, चावल का आटा छानिये।
२) बेसन का आटा, चावल का आटा और सूझी मिक्स किजिए।
३) हरा धनिया धोईये और काटिये।
४) हरा धनिया, हरी मिर्च, जीरा, अदरक, लहसून, शक्कर, दही मिक्सी के जार में डालकर पीस लिजिये।
५) बेसन का आटा, चावल आटा, सूझी और हरे धनिये मिर्च की पेस्ट मिक्स किजिए। जरूरत के हिसाब से पानी डालिए और इडली के बँटर जैसा बँटर बनाईए।
६) बँटर को आधा घंटा रेस्ट होने दिजिये।
७) आधे घंटे बाद एक चम्मच तेल गरम किजिए और उसमे बेकींग सोडा डालिये।
८) गरम तेल बेकींग सोडा बँटर में डालिये।
९) बँटर में नमक डालिये और अच्छे से फेटीये।
१०) इडली ट्रे को तेल लगाईए।
११) इडली ट्रे में कोथिंबीर का बँटर डालिये।
१२) गँस पर इडली कुकर रखिए और पंद्रह मिनट में हरीभरी इडली तैयार।
१३) सभी इडली को ठंडा किजिए और पतले आकार मे या चार भागों में काटिए।
१४) गँसपर कडाही रखकर तेल डालिये।
१५) तेल गर्म होते ही कटी हुयी हरी इडली के टुकडे डालिए और सुनहरा होने तक तलिए।
१६) गरमागरम क्रिस्पी कोथिंबीर वडी सॉस, चटणी के साथ परोसिये।



mykitchenjd के किचन से 'क्रिस्पी कोथिंबीर वडी' का आनंद लिजिये।
टिपः कोथिंबीर वडी में तिल डालिये और अनोखा स्वाद लिजिये।
©ज्योत्स्ना पाटील

Saturday, 4 January 2020

टमाटर हरियाली

        टमाटर हरियाली

      सर्दी के दिनों में सब्जी मंडी हरेभरे, लाल, पिले रंगों से दुल्हन की तरह सजी हुयी हैं तो चलिए आज की रेसिपी हरेभरे रंगों से सजाकर परोसते हैं। देखनेवाले भी खूष, खानेवाले भी खूष और खिलानेवाले भी खूष।

mykitchenjd के किचन से टमाटर हरियाली बनाने के लिए सामग्री चाहिए,


सामग्रीः चार टमाटर, एक कटोरी मटार के दानें, तीन या चार हरी मिर्च, एक टुकडा अदरक, पाँच-छह  लहसून की कलियाँ, नारीयल का टुकडा, आधी कटोरी हरा धनिया, एक टी स्पून गरम मसाला, आधा टी स्पून हल्दी, दो टेबल स्पून तेल, नमक स्वादानुसार।

mykitchenjd के किचन से 'टमाटर हरियाली' बनाने की विधिः
१) सबसे पहले एक कप पानी गरम किजिए और उसमे मटार, नमक डालकर एक मिनट ऊबालिए।
२) टमाटर धोईये और लंबे आकार मे काटिये। टमाटर के बीज़ निकाल लिजिये।
३)  हरा धनिया धोईये और काटिये।
४) पानी में से मटार अलग कर लिजिये और पानी ग्रेव्ही में डालने के लिए अलग रख दिजिये।
५) ऊबले हुए मटार, नारीयल के टुकडे, हरी मिर्च, लहसून, अदरक, हरा धनिया मिक्सी जार में डालकर पीस लिजिये।


६) गँस ऑन किजिए और कडाई रखिए।
७) कडाई में तेल डालिये और गर्म होने पर पीसी हुई मटार मिर्च की पेस्ट डालिये।
८) पेस्ट अच्छे से भूनने पर गरम मसाला और हल्दी डालिये।
९) सारे मसाले भूनने के बाद टमाटर डालिये और आधी कटोरी गरम पानी डालिये।
१०) ऊबले हुए मटार का बचा हुआ पानी भी ग्रेव्ही में डालिये।
११) नमक डालिये। नमक डालते समय ध्यान में रखिए की मटार के पानी में भी नमक डाला था। उसी हिसाब से नमक डालिये।
१२) गरमागरम टमाटर हरियाली रोटी, भाकरी, पुरी, फुलके, पराठे, ब्रेड या चावल के साथ परोसिये।

टिपः नारीयल घर में उपलब्ध हो तो डालिये, नहीं है तो कोई बात नहीं।
mykitchenjd के किचन से टमाटर हरियाली का स्वाद चखिए।
©ज्योत्स्ना पाटील.

Friday, 3 January 2020

कोरीअँडर चीज सूप

           कोरीअँडर चीज सूप

             mykitchenjd के किचन से आज की रेसिपी है तो भारतीय लेकिन मैने उसे थोडासा अलग तरीके से बनाने की कोशीश की है। आप सभी को जरूर पसंद आएगी।


              ठंडी का मौसम है तो सब्जी मंडी हरे धनिये से हरीभरी दिखाई दे रही हैं। हराभरा हरा धनिया को देखकर हमें बहुत सारी रेसिपी बनाने का खयाल आ जाता है। मैने भी हरे धनिया को एक नये अंदाज में पेश करने की कोशीश की।     
          आज की रेसिपी को महाराष्ट्रा में 'कोथिंबीरचे शेंगोले' कहते है। शेंगोले लंबी डोर की तरह बनाते है लेकीन मैने उसे रोटी की तरह बेलकर चौकोर आकार में कट कर के बनाये है। ऊपर से चीज को कद्दूकस कर के एक नये अंदाज में पेश किया हैं। आप बनाका र देखिये, आप को भी यह रेसिपी जरूर पसंद आएगी।
कोरिअँडर चीज सूप बनाने के लिए सामग्री चाहिए,

सामग्रीः
एक कटोरी हरा धनिया, एक चीज क्यूब, एक कटोरी बेसन का आटा, एक कटोरी बाजरे का आटा, आधी कटोरी गेहूँ का आटा, आठ-दस लहसून की कलियाँ, एक छोटासा टुकडा अदरक का, दो-तीन हरी मिर्च, एक टी स्पून हिंग पाउडर, एक टी स्पून जीरा, एक टी स्पून हल्दी, दो टेबल स्पून मूँगफली पाउडर, दो टेबल स्पून तेल, नमक स्वादानुसार।

mykitchenjd के किचन से कोरीअँडर चीज सूप बनाने की विधिः
१) हरे धनिये को पानी से धोईये और काटिये।
२) आधी कटोरी हरा धनिया, लहसून, हरी मिर्च और अदरक की पेस्ट बनाईए।
३) एक बाऊल में बाजरे का आटा, बेसन का आटा, गेहूँ का आटा, आधी हिंग पाउडर, आधी हल्दी और नमक डालकर मिक्स किजिये।
४) मिक्स किए हुए आटे में हरा धनिया और हरा धनिया मिर्च की आधी पेस्ट डालकर आटा गूँथीये।
५) गँस पर कडाई रखकर गरम किजिये।
६) कडाई में तेल डालिये और गरम होने दिजिये।
७) तेल में जीरा, बची हुई हिंग पाउडर, हरी मिर्च धनिये की पेस्ट, हल्दी डालकर दो गिलास गरम पानी डालिये।
८) गूँथे हुए आटे के तीन या चार गोले बना लिजिये।
९) एक गोला लेकर बेलिये और चाकू से चौकोर टुकडों में काटकर कडाई के उबले हुए मसाला पानी में छोड दिजिये।
१०) इसी तरह बचे हुए गोले भी बेलिये और कडाई में छोड दिजिये।
११) मूँगफली पाउडर और नमक डालिये।
१२) आठ-दस मिनट तक पकाईए और ढक्कन रखकर गँस बंद किजिये।
१३) पाँच मिनट बाद ढक्कन उठाईए और एक प्लेट में यह गरमागरम सूप डालिए और ऊपर से चीज को कद्दूकस किजिये।
          वैसे तो यह डिश भारतीय सूप ही है क्योंकी इस में पानी की मात्रा ज्यादा होती है और सर्दी के दिनों में ही ज्यादातर बनाया जाता है।

टिपः १) पानी की मात्रा कम लगे तो बाद में गरम पानी डालकर ऊबालिए।
२) चीज की जगह बटर या कसा हुआ नारीयल भी डाल सकते हो।
©ज्योत्स्ना पाटील.

गाजर टमाटर उत्तप्पा

 आज की रेसिपी - गाजर टमाटर उत्तप्पा सभी फूड़ी दोस्तों को नमस्ते। आज की रेसिपी सभी को जरूर पसंद आएगी क्योंकी हम दोसा, उत्तप्पा तो हमेशा खाते ह...