Tuesday, 7 April 2020

 बचपन की यादें

कोरोना के कारण पूरी दुनिया लॉकडाऊन हो गयी और घर में बैठकर सभी बोअर होने लगे तब हमारी सहेलियों ने बचपन की यादें तरोताज़ा की। सभी सहेलियों ने बचपन की फोटोज् व्हाटसएप पे सेंड करते ही सभी की बचपन की बहुत सारी बातों से अच्छा मनोरंजन हुआ।
       मै भी बचपन की यादों से झूम ऊठी। मैं सातवी कक्षा में थी तब सारी सहेलियाँ अनजानी थी क्योंकी मैं छठ़ी कक्षा तक ननिहाल में थी और सातवी कक्षा में मै पिताजी के गाँव पढ़ने के लिए आयी तब नया गाँव, नया घर, नयी स्कूल और नयी सहेलियाँ सबकुछ नया सा और अनजाना था। पिताजी खुद अध्यापक थे इसलिए स्कूल में मै जल्दी घुलमिल गयी और निमा, संगीता और बाईसाहेब से मेरी अच्छी सी दोस्ती हो गयी।
         एक दिन निमा ने मुझे और संगीता को कहा, "आज मेरी माई गाँव गयी है तो हम तीनों मिल के आलूवडे बनाते हैं। हम तीनों मेरे घर निकल पड़े। मेरे घर से बेसन का आटा लिया और वहाँ से संगीता के घर चल पड़े। संगीता के घर से आलू लेकर हम तीनों सहेलियाँ निमा के घर पहुँचे और लग गए काम पे। स्टोव्ह में घासलेट भरा और पम्प से हवा भरकर बाहर घासलेट निकलते ही माचीस घसीटकर आग जलाई और स्टोव्ह शुरू करने की कसरत की। स्टोव्ह शुरू होते ही पतेली में पानी और आलू पकाने के लिए रख दिए। मैने नाक पोंछतें प्याज़ काटने की मशक्कत की। संगीता ने बेसन के आटे का बँटर बनाया। आलू पकते ही आलू को छिल लिया और हाथों से मँश कर के उसमें प्याज़, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी डालकर आलू के छोटे छोटे गोले बनाकर बेसन के बँटर में डूबाकर आलू वडे तलने का काम संगीता ने किया।  वडे तलने के बाद हम तीनों ने जी भर के आलूवडे खाए और खुद के हाथों से बनाए हुए वडे खानें का मज़ा कुछ और ही था।


           बचपन में हम तीनों सहेलियों ने बनाई हुयी यह पहली रेसिपी। इसी रेसिपी से मेरी कुकींग की एबीसीडी शुरू हुई।
तो चलिए आज की आलूवडा रेसिपी बनाने का तरीका,
आलूवडा बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः चार-पाँच आलू, एक कटोरी बेसन का आटा, दो प्याज़, एक टेबल स्पून हरी मिर्च, अदरक, लहसून की पेस्ट, एक टी स्पून लाल मिर्च पाउडर, एक टी स्पून धनिया पाउडर, एक टी स्पून हल्दी, एक टी स्पून दरदरा पीसी हुयी बडीसौंफ, हरा धनिया, एक टी स्पून अजवाईन, आधा टी स्पून बेकींग सोडा, नमक स्वादानुसार, तलने के लिए तेल।
आलूवडा बनाने की विधिः
१) आलू ऊबालिये और मँश किजिए।
२) गँस ऑन कर के पँन रखिए और एक टेबल स्पून तेल डालिये।
३) बारीक कटा हुआ प्याज़ तेल गर्म होते ही डालिये और भूनिए।
४) प्याज़ भूनने के बाद अदरक लहसून हरी मिर्च की पेस्ट, धनिया पाउडर, बडीसौंफ, हल्दी और नमक डालकर अच्छे से मिलाईए और गँस बंद किजिए।
५) भूने हुए मिक्चर में मँश किया हुआ आलू, हरा धनिया डालकर अच्छे से मिक्स किजिए।
६) आलू की मसालेदार सब्जी के छोटे छोटे गोले बनाईए और एक थाली में रख दिजिये।
७) एक पतेली में बेसन का आटा, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, अजवाईन, नमक डालिये और पानी डालकर पतला सा बँटर बनाईए।
८) बँटर में चिमूटभर खाने का सोडा(बेकींग सोडा), डालिये और अच्छे से फेटिये।
९) गँस ऑन किजिए और कढाई रखिए।
१०) कढाई गर्म होते ही तलने के लिए तेल डालिये।
११) बँटर में आलू का गोला डालिये और बँटर का कोट लगते ही वडा गरम तेल में डालिये।
१२) तले हुए आलूवडे टिश्यू पेपर पर निकालिए और गरमागरम आलूवडे चटणी, सॉस और हरी मिर्च के साथ परोसिये।
चलिए लॉकडाऊन के कारण सब की बचपन की यादें तरोताज़ा हो गयी। धन्यवाद सभी सहेलियों को।
©ज्योत्स्ना पाटील.

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