Saturday, 31 October 2020

महाराष्टीयन दुधीचे थालीपीठ (लौकी के थालीपीठ]


दुधी का थालीपीठ
आज mykitchenjd.blogspot.com के किचन से एक नयी रेसिपी का स्वाद चखतें है।
आज की रेसिपी है महाराष्ट्रीयन 'दुधी का थालीपीठ' नाम सुनते ही मुँह में पानी आ गया। तो चलिए, बनाते है 'दुधी का थालीपीठ'।

लौकी का थालीपीठ बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
एक कटोरी कद्दूकस की हुई लौकी, दो हरी मिर्च, आठ-दस लहसुन की कलियाँ, पाव कटोरी हरा धनिया, पाव कटोरी बेसन, पाव कटोरी चावल का आटा, पाव कटोरी गूहूँ का आटा, पाव कटोरी बाजरे का या मकई का आटा, एक टी स्पून जीरा पाउडर, एक टी स्पून धनिया पाउडर, एक टी स्पून हल्दी पाउडर, तेल तीन टेबल स्पून, नमक स्वादानुसार।







 

Wednesday, 30 September 2020

 सभी फूड़ी दोस्तों को,

प्यार भरा नमस्ते।
बहुत दिनों से रेसिपी पोस्ट कर नहीं सकी इसलिए क्षमा चाहती हूँ।
आज हम जरा हटके बनाएंगे लेकिन कोरोना और बारीश (इंडिया में) का मौसम को ध्यान में रखते हुए मीठ़ा बनाएंगे लेकिन तिखावाला मीठ़ा बनाएंगे।
आज की रेसिपी भारत के महाराष्ट्रा स्टेट में बनाई जाती हैं। आज हम तिखीमिठ़ी रोटी बनाएंगे। महाराष्ट्रा में तिखीमिठ़ी रोटी विशेष समारोह में बनाई जाती हैं। लेकिन अब यह रोटी बहुत सारी महिलाओं को पता नहीं। हमारे पूर्वजों का यह खज़ाना सँभालना और अगली पीढ़ीयों को सौंपना यह हमारा कर्तव्य है।
      तिखीमिठ़ी रोटी जब कोई औरत बच्चे को जनम देती हैं और बच्चा बारह दिन का होता है तब बच्चे की माँ को खानें के लिए तिखीमिठ़ी रोटी देते हैं। बारिश के और सर्दी के दिनों में भी तिखीमिठ़ी रोटी बनाते है।

तिखीमिठ़ी रोटी बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्री : 
एक कटोरी गूड, एक टेबल स्पून सौंठ़ पाउडर, एक टेबल स्पून काली मिर्च पाउडर एक कटोरी गेहूँ का आटा, एक टेबल स्पून तेल, आधी कटोरी देसी घी, नमक स्वादानुसार।
बनाने की विधि : 
१) गेहूँ का आटा, नमक और तेल अच्छे से मिलाईये।
२) गेहूँ के आटे पानी डालकर रोटी के डो जैसे गूँथीए।
३) गूँथा हुआ आटा बीस-पच्चीस मिनट तक रेस्ट होने दिजिये।
४) गूड को कद्दूकस किजिए।
५) गूड में सौंठ और काली मिर्च पाउडर मिक्स किजिए।
६) गूँथे हुए आटे की छोटी छोटी लोरियां बनाईए।
७) दो रोटीयां बेलिये।
८) बेली हुई एक रोटी लिजिए उसपर गूड सौंठ कालीमिर्च का मिक्चर फैलाईये और ऊपर से दूसरी रोटी रखिये। दोनों रोटियाँ की कडा ठीक से बंद किजिये और धीरे से, हल्के हाथों से थोडासा बेलिये।
९) गर्म तवे पर थोडासा घी डालिये और रोटी डालकर सेंकीये।
१०) दोनों तरफ से रोटी को धीमी आंचपर सेकीयें। सेंंकते समय पिघला हुआ गूड रोटी के बाहर आने की कोशिश करेगा। दोनों तरफ से घी डालकर सेंकीये।
११) रोटी सेंकने के बाद ठंडी होने दिजिये क्योंकि गरम पिघला हुआ गूड मुँह में जाते ही छाले पड़ जाएंगे।
टिपः १)तिखीमिठ़ी रोटी बनाते समय तवेपर ज्यादा घी डालकर सेंकीये और खातें समय ऊपर से घी डालिये।
२) पहली बार बनाते समय एक या दो रोटी बनाईए। अच्छी लगे तो सर्दियों में, बारिश में भीगे हो तो यह रोटी खाईए और तंदुरुस्त रहिए।
        कोरोना का संकट जल्द से जल्द खत्म हो और आप सभी भाई बहन खुशहाल रहें, यहीं दुआ करती हूँ।
©ज्योत्स्ना पाटील.

Thursday, 27 August 2020

 सभी फूडी दोस्तोंं को नमस्कार। आज हम बनायेंगे कुछ मीठा।दस दिनों के लिए घर में स्थापित हुए  गणेश जी के लिए कुछ मीठा बनाना ही चाहिये। चलिये आज बनाते है काजू कतली।

 काजुकतली बनाने के लिए सामग्री चाहिये, 




सामग्री:
 दो कटोरी काजू , एक कटोरी शक्कर, दो बड़े चम्मच मलाई, थोडासा पानी।
काजू कतली बनाने की विधि:
 १)मिक्सी के जार मेंं काजू डालकर पावडर बनाईए और छानिये।
२) गैस पर कढाई को गर्म कीजिए।
३) कढाई गरम होने के बाद पाव कटोरी पानी डालिए।
४) पानी गरम होने के बाद शक्कर डाल दीजिए।
५) शक्कर को पिघलने दिजिए।
६) शक्कर पिघलने तक चम्मच से हिलाते रहिए।
७) शक्कर पिघलते ही गाढ़ी चाशनी में मलाई डालिए और धीरे से हिलाते रहिए।
८) स्टील की प्लेट या ट्रे को आधा चम्मच घी लगाईए और रख दिजिए।
९) शक्कर और मलाई के मिश्रण में काजू पावडर डालिए और चम्मच से हिलाते रहिए।
१०) काजू और शक्कर का मिश्रण गाढ़ा होने के बाद तुरंत घी लगाए हुए प्लेट या ट्रे में डालिए और हाथ से या कटोरी के निचले प्लेन बाजू से मिश्रण को फैलाईए।
११) मिश्रण थोडासा ठंडा होने के बाद तुरंत चाकू से छोटे छोटे चौकोर टुकड़ों में  या मनचाहे आकार में काटिए।




१२) घर पर बनाई हुई काजू कतली का प्रसाद गणेशजी को चढाईए और आप भी खानें का आनंद लिजिए।
टिपः काजू की मात्रा कम हैं तो आप मूँगफली के दानें भूनकर, छिलके निकालकर पावडर बनाईए और काजू के पावडर के साथ मिलाईए और काजू कतली बनाईए।
घर पर मिठाई बनाने का और खिलानें का मज़ा लिजिए। घर पर ही रहिए और तंदुरुस्त रहिए।
धन्यवाद!
©ज्योत्स्ना पाटील

Wednesday, 12 August 2020

धन्यवाद

सभी फूड़ी दोस्तों को,
सादर प्रणाम।
बहुत दिनों से मैने ब्लॉगपर पोस्ट नहीं डाली इसलिए क्षमा चाहती हूँ। आगे से मैं दस-पंद्रह दिन में एक रेसिपी की पोस्ट डालने का प्रयास करूँगी। आप सभी मेरा ब्लॉग पढ़कर मेरा हौसला बढ़ा रहें है इसलिए शुक्रिया।

Sunday, 14 June 2020

पनीर रेसिपी



                सभी पाठ्को से मै क्षमा चाहती हूँ। बहुत दिनों से मैंने ब्लॉग पर पोस्ट नहीं की। लॉकडाऊन के दिनों में पाठ्को को कुछ नया चाहिए था। बहुत से लोगों ने कहा की किताब पढ़ने में दिल नहीं लगता तो आप हमारे लिए ऑडियो बुक YouTube पर भेजनें की क्रिपा करेंगी तो अच्छा होगा। पाठ्को के सुझाव का सन्मान करते हुए मैंने 'Jyotsna's Literature' ज्योत्सना का साहित्य 'नाम से YouTube पर मराठी कथा अपलोड करने में जुड़ गयी थी और ब्लॉग पर पोस्ट डालने में देरी हो गयी। तो चलिए लॉकडाऊन में ऐसे कभी न सोची हुई रेसिपी कैसे बनाई गई। देखते हैं, नई रेसिपी की खोज के बारे में।


पनीर चीला

          'पनीर चीला' का नाम सुनतें ही चौक पड़े ना आप! मैंने भी कभी सोचा ही नहीं था की मैं पनीर चीला बनाऊँगी क्योंकी मुझे पनीर खाना पसंद है, पनीर की सब्जी,टिक्का, कबाब, कुछ भी पसंद नहीं है। पनीर का मूल स्वरूप खाना ही मुझे अच्छा लगता है तो क्यूँ पनीर के अलग अलग व्यंजन बनाते हैं? ऐसे पनीर के बारे में मेरा विचार है। लेकिन कभी कभी अपने विचारों को छेद देनेवाली घटनाएँ सामने आ जाती हैं। 
               कल शाम को मैं अपना काम खत्म कर के बैठी थी। बहु के साथ गपशप चल रही थी, तब मेरा भाँजा एक डिब्बा लेकर आया और बोला, "आत्या (आँटी), यह डिब्बा ले और क्या करना देख। मेरे दोस्तों के पैसे वेस्ट नहीं होने चाहिए।



मैंने देखा तो उन्होंने मेरीनेट किया हुआ पनीर मेरे सामने रख दिया। मैंने उससे पूछा, "चिनू, तुम्हारे दोस्तों ने इस में क्या डाला है?" तो उन्होंने बताया, "दही, प्याज़ के टुकड़े, सिमला मिर्च के टुकड़े और मसाले, नमक डाला है, थोडासा कॉर्नफ्लोअर, बेसन डाला है। 
        चिनू ने बताया, "हम कबाब बनाने बैठे तो हमारे कबाब बन ही नहीं पाए।" मैंने सर पर हाथ पटक के लिए और उन्हें कहा, "अरे बाबा, मेरीनेट करने के लिए हंग कर्ड डालना पड़ता है। नॉर्मल दही डालने से पानी की मात्रा बढ़ जाती हैं। अब क्या करे इस पनीर का! ऐसी सोच ही रही थी तब दिमाग ने कहा, मेरीनेट किया हुआ पनीर मिक्सी के जार में पीसकर बँटर बना ले और गरमागरम चीला बना ले।

बँटर बना लिया और गर्म तवे पर थोडासा तेल डालकर पनीर चिला बनाया और सभी को गरमागरम सर्व्ह कर दिया तब सभी बच्चे, मेरी बहन के बच्चे, भाई के बच्चे और बहन का भतीजा, बहू, मेरा बेटा बहू सभी चिल्लाए, "आप ने क्या बनाया, बहुत टेस्टी हैंं!" मैने सभी को कहा, "चिनू और उनके दोस्तों की बिघडी हुई रेसिपी।" मैने कहा और सभी हँसने लगे। 
         पनीर चिला तो मैं कभी ट्राय नहीं करती लेकिन चिनू और उनके दोस्तों की वजह से 'पनीर चिला' की रेसिपी बनी। तो चलिए आप भी बनाकर देखिए पनीर चिला की रेसिपी।
फ्रेश फूड खाईए और फ्रेश रहिए।

©ज्योत्स्ना पाटील.

Saturday, 23 May 2020

कच्चे आम के मोमोज्

कच्चे आम के मोमोज्
        'सेव्हन सिस्टर्स' में सब से पसंदीदा डीश कौनसी होगी तो वह 'मोमोज्' ही है, क्योंकी अपने यहाँ जैसे मिसल, पकौडे, आलूवडा हर जगह मिलता है चाहे होटल हो या रास्तें में खड़ा ठेला हो। उसी तरह वहाँ पे मोमोज् रास्तें पर हर ठेले पर मिलते हैं। वहाँ के लोग बड़े चाव से मोमोज् खाते दिखाई देते हैं। तो चलिए, आज हम मोमोज् बनाएँगे लेकिन महाराष्ट्रीयन स्टाईल से। जैसे की हम गर्मी के दिनों में खट्टी दाल बनाते हैं, उसी दाल से मोमोज् बनाते हैं।
कच्चे आम के मोमोज् बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः

एक कटोरी चणे की दाल, छोटी कटोरी कद्दूकस किया हुआ कच्चा आम, छोटी कटोरी कसा हुआ नारीयल या सूखा नारीयल, चार-पाँच लहसून की कलियाँ, एक टी स्पून लाल मिर्च पाउडर, आधा टी स्पून सौंफ पाउडर, आधा टी स्पून काली मिर्च पाउडर, कटा हुआ लेमन ग्रास(गवती चहा), एक टेबल स्पून तेल, नमक स्वादानुसार।
मोमोज् की पारी बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः एक कटोरी मैदा, आधा टी स्पून नमक, एक टी स्पून तेल।
कच्चे आम के मोमोज् बनाने की विधिः
१) मैदे की पारी बनाने के लिए मैदा, एक टेबल स्पून तेल, नमक लिजिए और अच्छे से मिक्स किजिए और पानी डालकर आटा गूँथीए। और गूँथे हुए आटे को गिले कपडे से ढककर आधा घंटा रेस्ट होने दिजिए।
मोमोज् की स्टफिंगः
१) चणे की दाल चार-पाँच घंटे पानी भिगोईए।
२) कच्चे आम को कद्दूकस किजिए।
३) मिक्सी के जार में चणें की दाल, लहसून, लेमन ग्रास, लाल मिर्च पाउडर, नमक, काली मिर्च पाउडर, सौंफ पाउडर डालकर दरदरा पीस लिजिए।
४) गँस ऑन किजिए और पँन को गर्म किजिए।
५) पँन में एक टेबल स्पून तेल डालिए और कसा हुआ कच्चा आम, नारीयल को भूनिये और पीसी हुई दाल डालकर एक मिनट तक भूनिये और गँस बंद किजिए। दाल के मिक्चर को ठंडा किजिए।
६) गूँथे हुए आटे की छोटी छोटी लोरीयाँ बनाईए।


७) एक लोरी लिजिए और पतला बेलिए।
८) बेली हुई रोटी में आम और दाल की बनाई हुई स्टफिंग भर दिजिए और मोमोज् या मोदक का आकार देकर बनाईए।
९) सारे मोमोज् बनाने के बाद स्टीमर या इडली पात्र में रखकर दस मिनट तक स्टीम किजिए।


१०) गरमागरम मोमोज् चटणी या सॉस के साथ परोसिए और खाने का आनंद लिजिए।
टिपः गर्मी के दिनों में खट्टे मोमोज् बनाईए। मोमोज् की स्टफिंग में एक टी स्पून शक्कर और हरा धनिया डाल सकते हो।
©ज्योत्स्ना पाटील.

Friday, 15 May 2020

इमली खजूर की चटणी

इमली खजूर की चटणी
        आज शाम को मैं गोलगप्पे बनाने
वाली थी, तभी मेरी दो-चार सहेलियों ने सुबह मेसेज सेंड कर के लिखा था। ब्लॉग पे रेसिपी क्यूँ पोस्ट नहीं की! और दूसरी सहेलियों ने कहा, "इमली खजूर चटणी की रेसिपी पोस्ट करना।" तो चलिए सहेलियों के आदेश का पालन करते हुए 'इमली खजूर चटणी' की रेसिपी आप सभी के साथ शेअर करती हूँ।
इमली खजूर चटणी बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः


एक कटोरी या सौ ग्रँम इमली, एक कटोरी खजूर (सीडलेस), एक कटोरी गूड।
१) गरम पानी में इमली, खजूर, गूड पाँच-छह् घंटे तक भिगोईए।
२) इमली, खजूर, गूड को हाथों से मसल लिजिये।
और सारा पल्प छाननी की सहायता से छानिए।
३) इमली, खजूर, गूड का पल्प गँस ऑन कर के उबलने दिजिये।
सामग्रीः एक टी स्पून जीरा पाउडर, एक टी स्पून सौंठ पाउडर, एक टी स्पून सौंफ पाउडर, आधा टी स्पून काली मिर्च पाउडर, एक टी स्पून लाल मिर्च पाउडर, आधा टी स्पून काला नमक, सफेद नमक स्वादानुसार।


४) दस मिनट उबलने के बाद ऊपर दिए हुए सारे मसाले डालिए।
५) मसाले डालने के बाद पाँच मिनट ऊबलने दिजिये।
६) चटणी को ऊबालते समय बड़े चम्मच की सहायता हिलातें रहिए।
७) पंद्रह मिनट ऊबली हुई चटणी को गँस पर हटाकर नीचे रखिए और ठंडी होने दिजिये।


८) इमली खजूर चटणी पूरी तरह से ठंडी होने के बाद काँच के जार में भर दिजिये।


९) इमली खजूर की चटणी जार में भरकर फ्रीज में रखिए और एक महिने तक रख सकते हो।
१०) इमली खजूर की चटणी गोलगप्पे का पानी बनाने के लिए या पकौडे, वडा के साथ सर्व्ह किजिए।
चटणी को देखकर मुँह में आ गया ना पानी!
©ज्योत्स्ना पाटील.

गाजर टमाटर उत्तप्पा

 आज की रेसिपी - गाजर टमाटर उत्तप्पा सभी फूड़ी दोस्तों को नमस्ते। आज की रेसिपी सभी को जरूर पसंद आएगी क्योंकी हम दोसा, उत्तप्पा तो हमेशा खाते ह...