Wednesday, 12 August 2020

धन्यवाद

सभी फूड़ी दोस्तों को,
सादर प्रणाम।
बहुत दिनों से मैने ब्लॉगपर पोस्ट नहीं डाली इसलिए क्षमा चाहती हूँ। आगे से मैं दस-पंद्रह दिन में एक रेसिपी की पोस्ट डालने का प्रयास करूँगी। आप सभी मेरा ब्लॉग पढ़कर मेरा हौसला बढ़ा रहें है इसलिए शुक्रिया।

Sunday, 14 June 2020

पनीर रेसिपी



                सभी पाठ्को से मै क्षमा चाहती हूँ। बहुत दिनों से मैंने ब्लॉग पर पोस्ट नहीं की। लॉकडाऊन के दिनों में पाठ्को को कुछ नया चाहिए था। बहुत से लोगों ने कहा की किताब पढ़ने में दिल नहीं लगता तो आप हमारे लिए ऑडियो बुक YouTube पर भेजनें की क्रिपा करेंगी तो अच्छा होगा। पाठ्को के सुझाव का सन्मान करते हुए मैंने 'Jyotsna's Literature' ज्योत्सना का साहित्य 'नाम से YouTube पर मराठी कथा अपलोड करने में जुड़ गयी थी और ब्लॉग पर पोस्ट डालने में देरी हो गयी। तो चलिए लॉकडाऊन में ऐसे कभी न सोची हुई रेसिपी कैसे बनाई गई। देखते हैं, नई रेसिपी की खोज के बारे में।


पनीर चीला

          'पनीर चीला' का नाम सुनतें ही चौक पड़े ना आप! मैंने भी कभी सोचा ही नहीं था की मैं पनीर चीला बनाऊँगी क्योंकी मुझे पनीर खाना पसंद है, पनीर की सब्जी,टिक्का, कबाब, कुछ भी पसंद नहीं है। पनीर का मूल स्वरूप खाना ही मुझे अच्छा लगता है तो क्यूँ पनीर के अलग अलग व्यंजन बनाते हैं? ऐसे पनीर के बारे में मेरा विचार है। लेकिन कभी कभी अपने विचारों को छेद देनेवाली घटनाएँ सामने आ जाती हैं। 
               कल शाम को मैं अपना काम खत्म कर के बैठी थी। बहु के साथ गपशप चल रही थी, तब मेरा भाँजा एक डिब्बा लेकर आया और बोला, "आत्या (आँटी), यह डिब्बा ले और क्या करना देख। मेरे दोस्तों के पैसे वेस्ट नहीं होने चाहिए।



मैंने देखा तो उन्होंने मेरीनेट किया हुआ पनीर मेरे सामने रख दिया। मैंने उससे पूछा, "चिनू, तुम्हारे दोस्तों ने इस में क्या डाला है?" तो उन्होंने बताया, "दही, प्याज़ के टुकड़े, सिमला मिर्च के टुकड़े और मसाले, नमक डाला है, थोडासा कॉर्नफ्लोअर, बेसन डाला है। 
        चिनू ने बताया, "हम कबाब बनाने बैठे तो हमारे कबाब बन ही नहीं पाए।" मैंने सर पर हाथ पटक के लिए और उन्हें कहा, "अरे बाबा, मेरीनेट करने के लिए हंग कर्ड डालना पड़ता है। नॉर्मल दही डालने से पानी की मात्रा बढ़ जाती हैं। अब क्या करे इस पनीर का! ऐसी सोच ही रही थी तब दिमाग ने कहा, मेरीनेट किया हुआ पनीर मिक्सी के जार में पीसकर बँटर बना ले और गरमागरम चीला बना ले।

बँटर बना लिया और गर्म तवे पर थोडासा तेल डालकर पनीर चिला बनाया और सभी को गरमागरम सर्व्ह कर दिया तब सभी बच्चे, मेरी बहन के बच्चे, भाई के बच्चे और बहन का भतीजा, बहू, मेरा बेटा बहू सभी चिल्लाए, "आप ने क्या बनाया, बहुत टेस्टी हैंं!" मैने सभी को कहा, "चिनू और उनके दोस्तों की बिघडी हुई रेसिपी।" मैने कहा और सभी हँसने लगे। 
         पनीर चिला तो मैं कभी ट्राय नहीं करती लेकिन चिनू और उनके दोस्तों की वजह से 'पनीर चिला' की रेसिपी बनी। तो चलिए आप भी बनाकर देखिए पनीर चिला की रेसिपी।
फ्रेश फूड खाईए और फ्रेश रहिए।

©ज्योत्स्ना पाटील.

Saturday, 23 May 2020

कच्चे आम के मोमोज्

कच्चे आम के मोमोज्
        'सेव्हन सिस्टर्स' में सब से पसंदीदा डीश कौनसी होगी तो वह 'मोमोज्' ही है, क्योंकी अपने यहाँ जैसे मिसल, पकौडे, आलूवडा हर जगह मिलता है चाहे होटल हो या रास्तें में खड़ा ठेला हो। उसी तरह वहाँ पे मोमोज् रास्तें पर हर ठेले पर मिलते हैं। वहाँ के लोग बड़े चाव से मोमोज् खाते दिखाई देते हैं। तो चलिए, आज हम मोमोज् बनाएँगे लेकिन महाराष्ट्रीयन स्टाईल से। जैसे की हम गर्मी के दिनों में खट्टी दाल बनाते हैं, उसी दाल से मोमोज् बनाते हैं।
कच्चे आम के मोमोज् बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः

एक कटोरी चणे की दाल, छोटी कटोरी कद्दूकस किया हुआ कच्चा आम, छोटी कटोरी कसा हुआ नारीयल या सूखा नारीयल, चार-पाँच लहसून की कलियाँ, एक टी स्पून लाल मिर्च पाउडर, आधा टी स्पून सौंफ पाउडर, आधा टी स्पून काली मिर्च पाउडर, कटा हुआ लेमन ग्रास(गवती चहा), एक टेबल स्पून तेल, नमक स्वादानुसार।
मोमोज् की पारी बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः एक कटोरी मैदा, आधा टी स्पून नमक, एक टी स्पून तेल।
कच्चे आम के मोमोज् बनाने की विधिः
१) मैदे की पारी बनाने के लिए मैदा, एक टेबल स्पून तेल, नमक लिजिए और अच्छे से मिक्स किजिए और पानी डालकर आटा गूँथीए। और गूँथे हुए आटे को गिले कपडे से ढककर आधा घंटा रेस्ट होने दिजिए।
मोमोज् की स्टफिंगः
१) चणे की दाल चार-पाँच घंटे पानी भिगोईए।
२) कच्चे आम को कद्दूकस किजिए।
३) मिक्सी के जार में चणें की दाल, लहसून, लेमन ग्रास, लाल मिर्च पाउडर, नमक, काली मिर्च पाउडर, सौंफ पाउडर डालकर दरदरा पीस लिजिए।
४) गँस ऑन किजिए और पँन को गर्म किजिए।
५) पँन में एक टेबल स्पून तेल डालिए और कसा हुआ कच्चा आम, नारीयल को भूनिये और पीसी हुई दाल डालकर एक मिनट तक भूनिये और गँस बंद किजिए। दाल के मिक्चर को ठंडा किजिए।
६) गूँथे हुए आटे की छोटी छोटी लोरीयाँ बनाईए।


७) एक लोरी लिजिए और पतला बेलिए।
८) बेली हुई रोटी में आम और दाल की बनाई हुई स्टफिंग भर दिजिए और मोमोज् या मोदक का आकार देकर बनाईए।
९) सारे मोमोज् बनाने के बाद स्टीमर या इडली पात्र में रखकर दस मिनट तक स्टीम किजिए।


१०) गरमागरम मोमोज् चटणी या सॉस के साथ परोसिए और खाने का आनंद लिजिए।
टिपः गर्मी के दिनों में खट्टे मोमोज् बनाईए। मोमोज् की स्टफिंग में एक टी स्पून शक्कर और हरा धनिया डाल सकते हो।
©ज्योत्स्ना पाटील.

Friday, 15 May 2020

इमली खजूर की चटणी

इमली खजूर की चटणी
        आज शाम को मैं गोलगप्पे बनाने
वाली थी, तभी मेरी दो-चार सहेलियों ने सुबह मेसेज सेंड कर के लिखा था। ब्लॉग पे रेसिपी क्यूँ पोस्ट नहीं की! और दूसरी सहेलियों ने कहा, "इमली खजूर चटणी की रेसिपी पोस्ट करना।" तो चलिए सहेलियों के आदेश का पालन करते हुए 'इमली खजूर चटणी' की रेसिपी आप सभी के साथ शेअर करती हूँ।
इमली खजूर चटणी बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः


एक कटोरी या सौ ग्रँम इमली, एक कटोरी खजूर (सीडलेस), एक कटोरी गूड।
१) गरम पानी में इमली, खजूर, गूड पाँच-छह् घंटे तक भिगोईए।
२) इमली, खजूर, गूड को हाथों से मसल लिजिये।
और सारा पल्प छाननी की सहायता से छानिए।
३) इमली, खजूर, गूड का पल्प गँस ऑन कर के उबलने दिजिये।
सामग्रीः एक टी स्पून जीरा पाउडर, एक टी स्पून सौंठ पाउडर, एक टी स्पून सौंफ पाउडर, आधा टी स्पून काली मिर्च पाउडर, एक टी स्पून लाल मिर्च पाउडर, आधा टी स्पून काला नमक, सफेद नमक स्वादानुसार।


४) दस मिनट उबलने के बाद ऊपर दिए हुए सारे मसाले डालिए।
५) मसाले डालने के बाद पाँच मिनट ऊबलने दिजिये।
६) चटणी को ऊबालते समय बड़े चम्मच की सहायता हिलातें रहिए।
७) पंद्रह मिनट ऊबली हुई चटणी को गँस पर हटाकर नीचे रखिए और ठंडी होने दिजिये।


८) इमली खजूर चटणी पूरी तरह से ठंडी होने के बाद काँच के जार में भर दिजिये।


९) इमली खजूर की चटणी जार में भरकर फ्रीज में रखिए और एक महिने तक रख सकते हो।
१०) इमली खजूर की चटणी गोलगप्पे का पानी बनाने के लिए या पकौडे, वडा के साथ सर्व्ह किजिए।
चटणी को देखकर मुँह में आ गया ना पानी!
©ज्योत्स्ना पाटील.

Friday, 8 May 2020

मूँग पत्तगोभी की टिक्की

मूँग पत्तागोभी की टिक्की
            लॉकडाऊन के कारण और कोरोना की वज़ह से लिफीसब्जी खानें से डर लगता है। इसलिए घर में आसानी से मिलनेवाले अनाज़ से काम चलाना पड़ रहा है। रोज़ रोज़ की सब्जी को भी नए अंदाज में पेश करने की मशक्कत करनी पड़ती है। तो चलिए, आज़ मैने अंकुरित मूँग, पत्तागोभी और आलू से बनायी हुई टिक्की आप के साथ शेअर कर रहीं हूँ।
मूँग पत्तागोभी की टिक्की बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः एक ऊबला हुआ आलू, एक कटोरी अंकुरित मूँग, एक कटोरी पत्तगोभी, एक कटोरी ब्रेड क्रम्स, एक हरी मिर्च, एक टुकडा अदरक, एक टी स्पून लाल मिर्च पाउडर, आधा टी स्पून सौंफ पाउडर, आधा टी स्पून जीरा पाउडर, आधा टी स्पून हल्दी, एक छोटी कटोरी सेवयी, दो टेबल स्पून तेल, नमक स्वादानुसार।


मूँग पत्तागोभी की टिक्की बनाने की विधिः
१) मूँग को सात-आठ घंटे तक पानी में भिगोईए और पानी निकालकर कपड़े में बाँध दिजिये रातभर के लिए और अंकुरित होने दिजिये।
२) ऊबला हुआ आलू मँश किजिए।
३) पत्तागोभी को बारीक टुकडों में काटिये।
४) प्याज़, अदरक और लहसून को बारीक टुकडों में काटिये।
५) अंकुरित मूँग, पत्तागोभी, प्याज़, हरी मिर्च, अदरक, लहसून, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, जीरा पाउडर, बडीसौंफ पाउडर, नमक यह सारी चीजें मिक्सी के जार में डालकर दरदरा पीस लिजिये।
६) पीसे हुए मिश्रण में मँश किया हुआ आलू, ब्रेड क्रम्स मिक्स किजिए और टिक्की बनाईए और सेवई से कोट किजिए।
७) गँस ऑन किजिए और पँन गरम किजिए।
८) पँन गरम होते ही तेल डालिए और टिक्की को शँलो फ्राय किजिए।


९) गरमागरम टिक्की सॉस, चटणी या भूने हुए मूँग के साथ परोसिये।
टिपः इस रेसिपी में हरा धनिया, धनिया पाउडर डाल सकते हो।
©ज्योत्स्ना पाटील.

Thursday, 30 April 2020

पाठ़को के सवाल के जवाब

                पाठ़को के सवालों के जवाब

             महाराष्ट्रीयन वडा सांबार की रेसिपी पढ़कर बहुत सारे पाठ़को ने अलग अलग सवाल पूछ़े तो अच्छा लगा। बहुत सारे पाठ़क रेसिपी पढ़कर दूसरे दिन पढ़ी हुयी रेसिपी ट्राय करते हैं तो बहुत अच्छा लगता हैं और बनाते समय कोई दिक्कत आए तो खुले मन से पूछ़कर फिर से बनाकर देखते हैं तो मुझे लगता हैं की अपने लिखने का मकसद पूरा हो गया।
          आज पाठ़को से पूछे गए सवालों पर चर्चा करते है। एक पाठ़क ने कमेंट्स में लिखकर पूछ़ा की "वडे का जो बँटर है उसी से इडली बना सकतें है क्या? "  तो मेरा जवाब है, "हाँ"
        १) वडे के बँटर से इडली बना सकते है लेकिन इसी बँटर में थोडीसी सूझी डालकर आधा घंटा बँटर को रेस्ट होने दिजिये। आधे घंटे बाद बँटर में बेकींग सोडा(खाने का सोडा) डालिए और इडली मेकर में डालकर इडली बनाईए।
          २) वड़े के बँटर में दो चम्मच मैदा या चावल का आटा डालिये और आधा घंटा रेस्ट होने दिजिये। आधे घंटे बाद बेकींग सोडा डालिए और आप्पे पात्र में डालकर आप्पे बनाईए।
           ३) इसी वड़े के बँटर में चावल का आटा और सूझी डालकर डोसे बनाईए।
            ४) इसी वड़े के बँटर में चावल का आटा, कॉर्नफ्लोअर, प्याज़, हरी मिर्च, टमाटर, सिमला मिर्च डालकर उत्तप्पा बनाईए।
             ५) इसी वड़े के बँटर में दही डालिये(दही डालने से बँटर पतला हुआ हो तो उसी में सूझी या चावल का आटा डालिये) और बेकींग सोडा डालकर आप सफेद ढोकला बनाईए या हल्दी डालकर पीला ढोकला बनाईए।
          महाराष्ट्रीयन वड़े बहुत सारे पाठ़को ने बनाएँ और अलग अलग सवाल पूछ़े और एक सवाल पूछ़ा गया की, "आज आप की रेसिपी वड़ा सांबार बनाया तो सभी ने बड़े चाव से खाया। वड़े इतने सॉफ्ट , स्पंजी बने की सांबार खत्म हो गया और थोड़े से वड़े बच गए।"


        ६) मैनें उन्हें एक सलाह दी की आप दही में नमक, शक्कर डालकर फेट़ीयें और सूखे वड़े गरम पानी में डालकर निचोड़ लिजिये। अब उन्हीं वड़े के ऊपर फेट़ा हुआ दही डालिये जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर छिड़कीये और दही वडे का आनंद लिजिये। उन्होंने तुरंत दही वड़े बनाकर मुझे फोटो सेंड की तब बहुत अच्छा लगा।


          पाठ़को का प्रतिसाद मुझे रोज़ कुछ ना कुछ  नया करने के लिए प्रोत्साहित करता हैं। आप सभी पाठ़को को और सभी घर घर के शेफ की मैं आभारी हूँ। दिल से शुक्रिया!
©ज्योत्स्ना पाटील.
         
              

Tuesday, 28 April 2020

महाराष्ट्रीयन वडा सांबार

               महाराष्ट्रीयन वडा सांबार
         आजकल सोशल मिडिया पर खाने-पिने की और अच्छी अच्छी डिशेस बनाकर फोटो सेंड करने में बहुत सारी महिलाएँ शामील है और उसी बात पर टीकाटिप्पणी भी की जा रहीं है। लेकिन बहुत सारी महिलाएँ करोना के डर से कुछ ना कुछ बनाने में खुद को व्यस्त रहना पसंद करती हैं। खाली दिमाग शैतान का घर होने से अच्छा हैं किसी भी काम में व्यस्त रहकर खुद का मनोबल बढाएँ इसी दुवा के साथ आज मैं एक सिम्पलसी रेसिपी आप के साथ शेअर करना चाहती हूँ।
            ब्लॉग लिखना यह मेरा प्रोफेशन है इसलिए हप्तें में कम से कम एक रेसिपी पोस्ट करने का प्रयास करती हूँ। तो चलिए, करोना की महामारी से छुटकारा पाने के लिए अपने अपने पसंदीदा काम व्यस्त रहे और खुशहाल रहें।
            आजकल साऊथ में बननेवाली सभी डिशेस घर घर में बनाई जाती है। साऊथ में बननेवाला मेदूवडा मै महाराष्ट्रीयन पकौडे(भजी) जैसा बनाती  हूँ और उसमें तीन-चार दाल और चावल का मिश्रण बनाकर बनाती हूँ। आप भी बनाईए और मुझे बताईए, आप के वडे कैसे बने।
       मेरे घर में वडे बनाते समय हरएक की डिमांड अलग अलग होती है। सासू माँ को वड़े के साथ खाली टोमॅटो सॉस ही चाहिए। मेरे बेटे को वड़े के साथ सांबार चाहिए। मेरी बेटी को वड़े के बँटर में प्याज़, लाल मिर्च पाउडर डालकर सूखे वड़े पसंद हैं। मेरे पती को सांबार और चटणी दोन्हों चाहिए। बहू को सांबार के साथ चाहिए। अर्थात खाते समय सांबार और चटणी दोनों चाहिए।
           कोई सांबार के साथ ज्यादा वड़े खाना पसंद करता है तो कोई चटणी के साथ। वड़े खाते समय हरएक का अंदाज अलग अलग है।
तो चलिए, आज महाराष्ट्रीयन वड़ा बनाने की विधि जान लेते है।
महाराष्ट्रीयन वड़े बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
एक कटोरी उरददाल, आधी कटोरी मूँगदाल, पाव कटोरी तुवरदाल, एक टी स्पून मेथीदाना, आधी कटोरी चावल, एक टी स्पून जीरा, एक हरी मिर्च, एक टेबल स्पून धनिया पाउडर, नमक स्वादानुसार, तेल तलने के लिए।
महाराष्ट्रीयन वड़े बनाने की विधिः
१) उरददाल, मूँगदाल, तुवरदाल, चावल, मेथीदाना रातभर पानी में भिगोईए।
२) दुसरे दिन सुबह उरददाल, मूँगदाल, तुवरदाल, चावल, मेथीदाना,हरी मिर्च, जीरा यह सारी चीज़े मिक्सी के जार में डालकर पीस लिजिये।
३) पीसे हुए मिश्रण में धनिया पाउडर, नमक डालकर पकौड़े जैसा बँटर बनाईए।
४) गँस ऑन किजिए और कढाई गरम होने दिजिये।
५) गरम कढाई में तेल डालिए और तेल को गरम होने दिजिये।
६) तेल गरम होते ही हाथों में बँटर लेकर पकौड़े जैसे छोटे छोटे गोले डालिये और तलिये।
७) गरमागरम महाराष्ट्रीयन पकौड़े सांबार, चटणी और सॉस के साथ परोसिये। नहीं तो प्याज़, लाल मिर्च पाउडर डालकर सूखे वड़े खानें का आनंद लिजिये।
टिपः जीरा पाउडर, धनिया पाउडर के बिना यह वड़े बना सकते हो।
©ज्योत्स्ना पाटील


गाजर टमाटर उत्तप्पा

 आज की रेसिपी - गाजर टमाटर उत्तप्पा सभी फूड़ी दोस्तों को नमस्ते। आज की रेसिपी सभी को जरूर पसंद आएगी क्योंकी हम दोसा, उत्तप्पा तो हमेशा खाते ह...