Sunday, 9 June 2019

खट्टी मीठी पुरी

  खट्टी मीठी पुरी 

आज बनातें हैं टिफिन के लिए रेसिपी
         छुट्टीयाँ खत्म होनेवाली है, सभी सहेलीयों को बच्चों के टिफिन की चिंता सतानें लगी हैं। चलिए, आज एक रेसिपी बच्चों के टिफिन के लिए बनाने की कोशीश करते हैं।
          आज की रेसिपी में कौन कौन से पदार्थ हैं, यह सोचने की कोशीश किजिये।
     
         आज की रेसिपी में सिर्फ छः चीजें है और सारी चीज़े हर घर में आसानी से उपलब्ध होनेवाली हैं।

कटोरी में रखी सामग्री के अलावा तेल भी लिजिये।
आज की टिफिन की रेसिपी हैं 'खट्टी मिठ्ठी पुरी।'
श्रीखंड, आम्रखंड के साथ पुरी  खातें वक्त आप  सभी ने खट्टा मिठा स्वाद तो चखा हैं लेकीन घर में श्रीखंड, आम्रखंड ना हो तो भी खट्टा मिठा स्वाद ले सकते हैं।
खट्टी मिठी पुरी के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः एक कटोरी आटा, आधी कटोरी इमली का पल्प, आधी कटोरी गूड़, दो टेबल स्पून तिल, नमक स्वादानुसार, एक कटोरी तेल।
बनाने की विधीः
१) इमली का पल्प और गूड मिक्स किजिये, गूड़ पिघलने तक हिलातें रहिये।
२) आटा, इमली गूड़ का मिश्रण, तील, नमक और एक टेबल स्पून तेल डालकर आटा गूँथीये।
३) गूँथा हुआ आटा पंद्रह मिनट तक रेस्ट होने दिजिये।
४) पंद्रह मिनट बाद आटे के छोटे छोटे गोले बना लिजिये।
५) एक गोला लेकर रोटी की तरह गोलाकार में बेलिये।
६) बनाई हुयी रोटी पर कटर रखकर मनपसंद आकार में काट लिजिये।
७) आप के पास कटर नहीं हैं तो चाकू की सहायता से चौकोर, तिकोन, गोल आकार में रोटी को काटिये।
८) गर्म कड़ाही में पुरी तलने के लिए तेल डाल दिजिये।
९) तेल गर्म होने पर एक एक कर के सारी पुरीयाँ तल लिजिये।
१०) गरमागरम पुरी बच्चों को  घी के साथ परोसिये।
११) घर के बड़े लोग यह खट्टी मिठी पुरी तिल के चटणी के साथ खा सकते हैं।

टिपः खट्टी मिठी पुरी बनाते समय इमली और गूड की मात्रा सहीं होना जरूरी होता हैं।

©ज्योत्स्ना पाटील 

Thursday, 6 June 2019

चावल का पराठा

              चावल का पराठा 

चावल की हटके रेसिपी
नमस्ते सभी पाठक कों,
पिछले तीन दिनों से पोस्ट की नहीं इसलिए कुछ पाठकों ने पूछा की, "आप ने नयी रेसिपी क्यूँ पोस्ट नहीं की?' मैं आप सभी से क्षमा चाहती हूँ। किसी कारणवश मैं पोस्ट कर नहीं सकी। आप के प्यार भरे सवाल का आदर करते हुए आज मैने  नयी रेसिपी तैयार की हैं। आज की रेसिपी किस चीज से बनायी हैं यह सोचने का प्रयास किजिये। हो सकें तो कमेंट बॉक्स में लिखकर बताईये जरूर। धन्यवाद।
        रेसिपी आज दोपहर के बाद बताती हूँ तब तक आप सोचिए। सोचनें में एक अलग ही मज़ा होता हैं।
        चलिए, मुझे भूख लगी हैं, पहले मैं इस भोजन का आस्वाद लेती हूँ। ताकि आप को लिखकर बतानें के लिए मुझे एनर्जी तो चाहिए ना!



आज की रेसिपी चावल का पराठा के लिए सामग्री,
सामग्रीः आधी कटोरी चावल का आटा, एक टेबल स्पून घर में उपलब्ध आटा (आप मकई का आटा, ज्वार का आटा, नाचणी  आटा, बाजरा आटा इन में से कौन सा भी आटा लिजिये), एक टी स्पून लाल मिर्च पाउडर, चुटकीभर हल्दी, तीन टेबल स्पून तेल, स्वादानुसार  नमक।
चावल का पराठा बनाने की विधीः
१) चावल का आटा, ज्वार का आटा, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, नमक, एक टेबल स्पून तेल सारी सामग्री मिलाईये।
२) गुनगुना पानी आटे की सामग्री मे धीरे धीरे से डालिये।
३) गुनगुना पानी डालकर आटे को अच्छे से गूँथीये।
४) आटे का स्मूथ सा डो बना लिजिये।
५) गूँथे हुए आटे का छोटासा गोला लिजिये।
६) आटे का गोला लिजिये और हाथ से या बेलन से बेलकर रोटी बेलिये।
७) गर्म तवे पर चावल की भाकरी या रोटी को सेंकीये।
८) आटे का गोला लेकर हाथ से थपथपाकर भाकरी की तो उसे उपर की तरफ से पानी लगाकर पलटिये और सेंकीये।
९) अगर आप आटे का गोला लेकर बेलन से बेलेंगे तो उसे दोनों तरफ से तेल छोड़कर सेकीये।
१०) इसी आटे के डो से आप भाकरी या रोटी या पराठा (ठेपला) बना सकते हो।
११) गरमागरम चावल का पराठा मैने दही, घी, चटणी और आचार के साथ परोसा है।
१२) आप चावल की भाकरी, रोटी, पराठा कौनसी भी सब्जी, दाल या टोमॅटो सॉस के साथ भी परोसिये।

©ज्योत्स्ना पाटील

Sunday, 2 June 2019

थालीपीठ

            थालीपीठ
थालीपीठ बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः एक कटोरी भाजणी आटा (चावल, ज्वार, मूँगदाल, उड़द दाल, तुवर दाल, मसूर दाल, पोहा, साबुदाना, धना, दालचिनी, सौंफ सभी सामग्री अलग-अलग सूखा भूनिये और ठंडा कीजिये। सब चीज़े मिलाईये और पीसकर बारीक आटा बना लिजिये।),एक कटोरी नाचणी आटा, एक कटोरी चणे का आटा, एक कटोरी बाजरा आटा।
एक मध्यम आकार का प्याज, आधी कटोरी कसा हुआ कद्दू, पाव कटोरी कसा हुआ कच्चा आम, हरा धनिया।
एक टेबल स्पून लाल मिर्च पाउडर, एक टेबल स्पून अदरक लहसन पेस्ट, एक टी स्पून हल्दी, एक टी स्पून हिंग पाउडर, नमक स्वादानुसार, चार टेबल स्पून तेल।

विधीः
१)एक बाऊल में प्याज, कद्दू, कच्चा आम, हरा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, नमक, हिंग पाउडर, अदरक-लहसन पेस्ट सभी सामग्री हाथ से मिलाईये ताकि प्याज, कद्दू और कच्चे आम को नमक, मसाला अच्छे से लगा दिजिये और पाँच मिनट के लिए छोड दिजिये। इसी मिश्रण में भाजणी आटा, बाजरा आटा, चणा आटा, नाचणी आटा मिलाईये। आवश्यकता हो तो थोडासा पानी डालकर मुलायम गूँथीये।
२) मिश्रण के आटे के छोटे छोटे गोले बना लिजिये।
३) गँस पर तवा गर्म किजिये।
४) गर्म तवे पर एक चम्मच तेल डालिये।
५) गर्म तवे पर आटे के मिश्रण का एक गोला हाथ से फैलाईये।
६) थालीपीठ के बीच में छेद किजिये और उस छेद में तेल छोड़कर सुनहरा होने तक पकाईये।
७) थालीपीठ को पलटिये और दूसरी तरफ से भी सुनहरा होने तक पकाईये।
८) गरमागरम थालीपीठ आचार, दही, चटणी, सॉस और मख्खन के साथ परोसिये।

टीपः १)कच्चे आम का थालीपीठ बनाते समय लाल मिर्च पाउडर थोडीसी ज्यादा डालनी चाहिए।
२) भाजणी आटे की जगह घर में उपलब्ध हुए आटे से (गेहूँ का आटा, मकई का आटा, चावल का आटा, चणे का आटा, बाजरा आटा, ज्वार आटा आधी आधी कटोरी लिजिये ) थालीपीठ बनाईये और अलग स्वाद का मज़ा लिजिये।

©ज्योत्स्ना पाटील
     

Friday, 31 May 2019

खट्टा मिठा पराठा

         खट्टा मिठा पराठा
       
आम का मौसम है और पूरे भारत में आम से बहुत सारे व्यंजन बनाए जाते है। महाराष्ट्र में गूड और आटे से 'दशमी' बनायी जाती हैं। इसी दशमी के पारंपरिक रूप को थोडा सा अलग रूप देते है।
खट्टा मिठा पराठा बनाने के लिए सामग्री चाहिए,
सामग्रीः एक कटोरी गेहूँ का आटा,एक कप आम का पल्प, आधा कप दही, आधा कप शक्कर, दो टेबल स्पून तील, चार टेबल स्पून देसी घी, नमक स्वादानुसार।
१)  एक बाऊल में आम का पल्प लिजिये।
२) आम के पल्प में दही, शक्कर, तील, नमक और दो चम्मच घी अच्छे से मिलाईये।
३) उपर बाऊल में दिखायी दी रही है वो सारी चिजे शक्कर पिघलने तक मिक्स कीजिये।
४) आम के मिश्रण में धीरे धीरे आटा मिलाईये। मैंने कटोरी के हिसाब से आटा दिया है लेकीन कटोरी का आकार एक जैसा नहीं होता इसलिए उस मिश्रण के हिसाब से आटा मिलाईये और डो बना लिजिये।
५) गूँथा हुआ आटा पंद्रह-बीस मिनट के लिए गिला कपड़ा ढककर रख दिजिये।
६) बीस मिनट के बाद आटे को फिर से गूँथ लिजिये।
७) गूँथे हुए आटे के छोटे छोटे गोले बना लिजिये।
८) एक गोला लेकर रोटी की तरह बेल लिजिये। बेलते समय ध्यान रखिये की पराठे जैसा ज़ाडा बेलिये, रोटी जैसा पतला मत बेलिये।
९) गर्म किए हुए तवें पर पराठा सेकीयें। सुनहरा होने पर पराठे को दोनों तरफ से घी लगाईये।
१०) गरमागरम खट्टा मिठा पराठा घी, आचार, दही या चटणी के साथ परोसिये।
खट्टा मीठा पराठे को आप 'आम का पराठा' भी कह सकते है।
मेरी बहुत सारी सहेलीयाँ एक ही बात से परेशान होती है की, रोज़ सुबह नाश्तें में क्या बनाए। आम का मौसम है तो क्यूँ ना हम अलग सा नाश्ता बनाए। ट्राय कर के देखिए, आप को जरूर पसंद आएगा। अच्छा लगे तो लिखकर जरूर बताईये।
           महाराष्ट्र की बोलीभाषा में आम से जुड़ी कुछ पंक्तियाँ है,
'कैरी तुटनी, खड़क फुटना
झुयझुय पानी वहाय वं'
इस पंक्ती का मतलब है, ' आम गिरा (टूटा), पत्थर टूटा, झिलमिल के पानी बहता गया।'
इस पंक्तीयों में बहुत ही गहरा अर्थ छिपा है।
'कैरी टुटने' का मतलब बेटी को शादी कर के विदा करना यानी पिताजी से दूर जाना है। 'पत्थर टूटने' का मतलब है पत्थर दिल पिताजी बेटी को विदा करते समय टूट जाता है और बहते पानी की तरह रो पड़ता है। इस गाने का भावार्थ डॉ. उषा सावंत मँडम ने बहुत खूबसूरती से विशद किया है।

©ज्योत्स्ना पाटील
              

Wednesday, 29 May 2019

मसूर टोस्ट (चटपटा टोस्ट)

            मसूर टोस्ट (चटपटा टोस्ट)
     
 चाय के साथ टोस्ट खा कर आप बोअर हो गये है तो चलिए, बनाते है कुछ अलग सा। मैं आशा करती हूँ की आप को मसूर टोस्ट जरूर पसंद आयेगा।
मसूर टोस्ट बनाने के लिए प्लेट में रखी हुई सामग्री चाहिए,
सामग्रीः छःह टोस्ट, एक कटोरी मसूर की दाल, दो-तीन हरी मिर्च, चार पाँच कलियाँ लहसून, छोटा टुकडा अदरक का, हरा धनिया, एक टी स्पून हल्दी, एक टी स्पून जिरा, नमक स्वादानुसार, तीन टेबल स्पून तेल।
प्लेट सजाने के लिए प्याज की रिंग्ज, टमाटर स्लाईस।

विधीः
१) मसूर की दाल रातभर पानी में भिगोईये।
२) सुबह मसूर की दाल में से पानी निकालिये।
३) भिगोई हुई मसूर की दाल में हरी मिर्च, लहसन, अदरक, हरा धनिया, जिरा, हल्दी, नमक डालकर पीस लिजिये।
४) टोस्ट के एक तरफ से पिसा हुआ मसूर दाल का मिश्रण अच्छे से कोट कीजिये।


५) एक पँन गँस पर रखकर गर्म कर लिजिये।
६) पँन में एक टेबल स्पून तेल डालिये।
७) मिश्रण लगायी हुई टोस्ट की बाजू पँन में निचे की तरफ रखिये।
८) टोस्ट को लगाया हुआ मिश्रण अच्छे से पकने के बाद पलट दिजिये।
९) टोस्ट की दुसरी बाजू को मिश्रण लगाया नहीं है इसलिए टोस्ट पलटने के बाद तुरंत प्लेट में निकालिये।
१०) गरमागरम मसूर टोस्ट दही, चटणी, आचार या सॉस के साथ परोसिये।
११) गरमागरम मसूर टोस्ट चाय के साथ भी खा सकते हो।

           मेरे वर्धा के किचन में बहुत ही कम सामग्री है इसलिए मैने प्याज की रिंग्ज और टमाटर स्लाईस के साथ मसूर टोस्ट परोसा है।
मसूर टोस्ट यह झट से बननेवाला स्नँक्स आप को जरूर पसंद आएगा क्योंकी इस की टेस्ट का मिक्स कॉम्बिनेशन तिखा और मीठा है।
मसूर टोस्ट एक तरफ से क्रंची और दूसरी तरफ से स्मूथ टेक्चर भी सब को पसंद आता है।
टीपः मसूर टोस्ट मैंने मसूर दाल से बनाया है लेकीन आप घर में जो भी दाल (चने की दाल, मूँग दाल, उडद दाल) उपलब्ध हो, उसी से चटपटा टोस्ट स्नँक्स बना सकते हो।

©ज्योत्स्ना पाटील

Tuesday, 28 May 2019

आज थोडीसी बातें

               आज थोडीसी बातें
   
          मेरे दोनों ब्लॉग पढ़ने वाले सभी पाठकों को मेरा,
सविनय प्रणाम।
               आप सभी पाठकों ने मेरा हौसला बढ़ाया इसलिए मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करती हूँ।
            आज के ग्लोबल युग में बहुत सारी रेसिपीज चीज, बटर, क्रीम्स, ड्रायफ्रूट्स और  सॉसेस से बनती है। महँगी चीजें से बनायी हुई रेसिपी से बहुत सारी बहनें बोअर हो गयी थी। इसलिए सिंपल, कम सामग्री से बनायी हुई झटपट रेसिपी चाहिए यही सोचकर मैंने रेसिपी से रिलेटेड ब्लॉग लिखना शुरू किया।
           रेसिपी ब्लॉग में सिर्फ रेसिपी लिखना यही मेरा मकसद नहीं है। रेसिपी के साथ कुछ जुड़ी हुई यादे लिखना और आप को भी रेसिपी बनाते हुए अपनी अपनी यादों से तरोताज़ा करके खुशी से खाना बनाने के लिए तैयार करना ताकि आप भी मनपसंद खाना बना सकें।
          सभी पाठकों को मैं कहना चाहती हूँ की आप नये तरीकें से रेसिपी बनाते वक्त एक बात ध्यान में रखिए की नयी रेसिपी थोडीसी ही बनाए। स्वाद अच्छा लगे तो दोबारा बना सकतें हो। फिलहाल इतना ही। कल मिलते है एक नयी सिम्पलसी रेसिपी के साथ। 

Sunday, 26 May 2019

धर्मेश की रेसिपी

          धर्मेश की रेसिपी
     
        आज की रेसिपी मैं धर्मेश को डेडिकेट करती हूँ। पंद्रह सोलह साल पहले की बात हैं। तब मैं दिवाली की और गर्मी की छुट्टीयों मे बच्चों को लेकर गोवा जाती थी। गोवा के साखलीम गाँव में हम रहते थे और हमारी कंपनी साखलीम से बारह कि. मी. पर पिसुर्लेयम के पास थी। हम सब दोपहर का खाना कंपनी में ही करते थे। कंपनी में खाना बनाने का काम बिहार से आया हुआ कूक धर्मेश करता था। धर्मेशने बनाई हुयी सब्जी हम सब बड़े चाव से खाते थे। आज भी बच्चों को गोवा की याद आते ही मुझे कहतें है, " मम्मी, बिहारी बाबू की सब्जी बनाओ।"
       चलिए, बनाकर देखते है, बिहारी बाबू की रेसिपी।
रेसिपी के लिए प्लेट में रखी हुयी सब्जीयाँ लिजिये।
धर्मेश की रेसिपी के लिए सामग्री चाहिए ,
तीन या चार प्याज़, दो आलू, दो टमाटर, पत्ता गोभी, एक टिंडा, एक हरी मिर्च, एक टेबल स्पून गरम मसाला, एक टेबल स्पून लाल मिर्च पाउडर, चुटकीभर हल्दी, एक टी स्पून राई, एक टी स्पून जीरा, आधा टी स्पून हिंग पाउडर, नमक स्वादानुसार, दो टेबल स्पून तेल      
१) प्याज के छिलके निकालिये।
२) आलू, टमाटर, टिंडा(ढेमसे), बंदगोबी को पानी से धोईये।
३) प्रेशर कुकर में प्याज, आलू, टमाटर, टिंडा, बंदगोबी, हरी मिर्च, हल्दी, नमक,एक टेबल स्पून तेल, आधी कटोरी पानी डालिये और दो सिटीयाँ होने तक गँस पर रखिये।
४) दो सिटीयाँ होने के बाद गँस बंद कीजिये और कुकर को ठंडा होने दिजिये।
५) प्रेशर कुकर में से सब्जीयाँ प्लेट में निकालिये।
६) टमाटर के छिलके निकालिये।
७) प्याज, आलू, बड़े टुकडों में काट लिजिये।
८) टिंडा के टुकडें कीजिये और बीज निकालिये।
९) बंदगोबी के ही बड़े बड़े टुकडे कर लिजिये।
१०) गँस पर कड़ाही रखिये और गर्म होने दिजिये।
११) कड़ाही गर्म होने पर दो बड़े चम्मच तेल डालिये।
१२) तेल गर्म होने पर राई, जिरा, हिंग पाउडर, अदरक लहसन का पेस्ट डालिये, पकाये हुए प्याज के और टमाटर के टुकडे डालिये, दो मिनट तक भूनिये।

१३) प्याज, टमाटर भूनने के बाद गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, धना पाउडर अपने स्वादानुसार डालिये।
१४) सारे मसाले अच्छे से भूनने के बाद आलू, बंदगोबी, टिंडा डालिये और कुकर में बचा हुआ दो चम्मच पानी डाल दिजिये।
१५) सब्जी पकाते समय नमक डाला था इसलिए जरूरत होगी तो नमक डालना।
१६) हरा धनिया डालिये और गरमागरम सर्व्ह कीजिये।
     धर्मेश की रेसिपी धर्मेश की याद दिलाती हैं।उसके हाथ से बनायी हुयी सब्जी की टेस्ट कुछ अलग ही थी। आज भी वो स्वाद हम भूले नहीं।
टिपः धर्मेश की सब्जी में टिंडा नहीं था, मैने बचा हुआ एक टिंडा धर्मेश की सब्जी में डाल दिया।

©ज्योत्स्ना पाटील

गाजर टमाटर उत्तप्पा

 आज की रेसिपी - गाजर टमाटर उत्तप्पा सभी फूड़ी दोस्तों को नमस्ते। आज की रेसिपी सभी को जरूर पसंद आएगी क्योंकी हम दोसा, उत्तप्पा तो हमेशा खाते ह...